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नेपाल बाढ़: भारत भेज रहा तेजी से मदद, 5वां विमान 5.5 टन दवाओं की खेप लेकर पहुंचा


भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत नेपाल को मानवीय सहायता देना जारी रखे हुए हैं. उन्होंने 2 सितंबर को जारी बयान में भारतीय सहायता दल की तस्वीर साझा करते हुए कहा है कि सुबह नेपाल में भारत का पांचवा विमान उतरा. इसमें खास उपकरणों और 5.5 टन जरूरी दवाओं के साथ 11 सदस्यों की रेस्क्यू टीम मौजूद थी. राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल सरकार को राहल सामग्री की नई खेप सौंपी है. 

इससे पहले आज सुबह (साढ़े आठ बजे) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जानकारी देते हुए बताया था कि पांचवां भारतीय विमान नेपाल के लिए रवाना हो गया है. इसमें खास उपकरणों के साथ 11 सदस्यों की रेस्क्यू टीम और 5.5 टन जरूरी दवाएं हैं. 

मरने वालों की संख्या 1200 के पार पहुंच चुकी है

ताजा आंकड़ों के मुताबिक 26 अगस्त को आई नेपाल और तिब्बत की सीमा पर बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1200 से ज्यादा हो चुकी है. इनकी पुष्टी की जा चुकी है. साथ ही अभी भी 4 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं. रवुसा के लैंगटांग लिरंग इलाके में ग्लेशियर टूटने की वजह से यह प्रलय आई है. 

विदेश मंत्रालय ने 2 सितंबर को बताया था- 163 भारतीयों को बचाया गया है

इससे पहले विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को दिए बयान में बताया था कि नेपाल के आपदा प्रभावित इलाकों से बचाए गए, भारतीयों की संख्या 163 हो चुकी है. पिछले के दिन के मुकाबले इसमें पांच और लोग शामिल हुए हैं. एक्स पर अपडेट देते हुए उन्होंने कहा था कि 151 भारतीय आज चीन से रवाना हुए हैं. मंत्रालय ने चल रहे फील्ड ऑपरेशन्स के बारे में बताया कि चिलिमे में हाइड्रोपावर टनल में तैनात 24 सदस्यों वाली भारतीय टनल रेस्क्यू टीम के सामने आने वाली मुश्किलें हैं. बहुत जोखिम भरे माहौल में काम करते हुए टीम को बहुत कम जगह, मुश्किल इलाके की वजह से भारी और खास उपकरणों के इस्तेमाल में दिक्कत और टनल में दलदली जमीन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. 

उन्होंने अपने बयान में कहा कि नए तरीकों और जुगाड़ से बनाए गए फ्लोट्स का इस्तेमाल करके रेस्क्यू टीम जमीन के नीचे बने रास्तों और अंदर तक जा सके. इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने बताया कि टीम नेपाल में पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने कि लिए डीएनए जांच और एनालिसिस का काम तेजी से कर रही है. 





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