पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल अपने 9 दिवसीय दौरे पर गुरुवार को पंजाब पहुंच रहे हैं. लेकिन, उनके इस अहम दौरे के शुरू होने से पहले ही राज्य कांग्रेस में खेमेबाजी और अंतर्कलह एक बार फिर जगजाहिर हो गई है. इस बार गुटबाजी की वजह पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में बुधवार को फरीदकोट में किया गया एक विरोध प्रदर्शन बना है. यह प्रदर्शन फार्मासिस्ट ऑफिसर्स पेपर लीक मामले को लेकर किया गया था.
इस प्रदर्शन का आयोजन फरीदकोट के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों ने किया था, जिसमें चन्नी और उनके गुट के कई नेता शामिल हुए. हालांकि, फरीदकोट जिला कांग्रेस कमेटी ने इस अलग-थलग प्रदर्शन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करार दिया है. फरीदकोट जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवदीप सिंह (बब्बू बराड़) ने इस संबंध में पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल को एक शिकायती चिट्ठी भी लिखी है.
चिट्ठी में किक्की ढिल्लों पर लगाए गए ये गंभीर आरोप
जिला अध्यक्ष ने बघेल को लिखे पत्र में किक्की ढिल्लों पर कई आरोप लगाए हैं:
- बिना सलाह के प्रदर्शन: जिला कांग्रेस कमेटी ने 31 जुलाई को पेपर लीक मामले पर प्रदर्शन की योजना बनाई थी, लेकिन ढिल्लों ने स्थानीय नेतृत्व से बिना सलाह-मशविरा किए अलग से प्रदर्शन का ऐलान कर दिया.
- फर्जी पदनाम: किक्की ढिल्लों स्वयं को फरीदकोट का “हल्का इंचार्ज” बता रहे हैं, जबकि पार्टी संगठन में ऐसा कोई पद ही नहीं है.
- भ्रामक प्रचार: ढिल्लों ने प्रचार किया था कि धरने में नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी आएंगे, लेकिन बाजवा इसमें शामिल नहीं हुए, केवल चन्नी ही पहुंचे.
- भ्रष्टाचार के आरोप: पत्र में किक्की ढिल्लों पर भ्रष्टाचार के आरोपों का भी जिक्र करते हुए एआईसीसी (AICC) नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की गई है.
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‘हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ अभियान की होनी है शुरुआत
भूपेश बघेल गुरुवार शाम को चंडीगढ़ पहुंचेंगे. वह 8 अगस्त तक पंजाब के अलग-अलग जिलों में पार्टी की जिला कमेटियों के साथ अहम बैठकें करेंगे. इस दौरान विधानसभा चुनावों के मद्देनजर “हर बूथ, कांग्रेस मजबूत” अभियान की शुरुआत भी की जानी है. लेकिन दौरे से ठीक पहले उभरी इस गुटबाजी ने पार्टी नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
जुलाई के दौरे में भी हुआ था शक्ति प्रदर्शन
इससे पहले जुलाई की शुरुआत में भी जब बघेल 6 दिन के दौरे पर चंडीगढ़ आए थे, तब भी कांग्रेस की गुटबाजी चरम पर थी. शुरुआत के 5 दिन चन्नी गुट ने बघेल से दूरी बनाए रखी. छठे दिन चन्नी ने अपने समर्थकों के साथ विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पर बघेल के सामने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया था. उस दौरान नेताओं ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद से हटाने की मांग उठाई थी. पार्टी में चल रही इसी खींचतान के चलते केंद्रीय नेतृत्व ने हाल ही में दिल्ली में कई नेताओं के साथ बैठकें की थीं. अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि भूपेश बघेल के इस 9 दिवसीय दौरे में चन्नी गुट का अगला रुख क्या रहता है.
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