पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने वहां के प्रभारी रहे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह अब कांग्रेस नेता सचिन पायलट को प्रभारी बनाया है. जिस पर सचिन पायलट ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा किया है.
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसको लेकर लिखा, “पंजाब प्रभारी का दायित्व देने पर मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी जी एवं लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आभार व्यक्त करता हूं. आने वाले दिनों में प्रदेश में होने वाले चुनाव हमारे लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हैं. हमारा लक्ष्य और संकल्प है कि पूरी लगन और निष्ठा के साथ आगे बढ़ना और पार्टी को सत्ता में लाना. मुझे विश्वास है कि सामूहिक प्रयास, मजबूत संगठन और कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर हम पंजाब में कांग्रेस को फिर से मजबूत करेंगे और सत्ता में वापसी का मार्ग प्रशस्त करेंगे.”
यह भी पढ़ें: सचिन पायलट को मिली पंजाब की जिम्मेदारी, ख़ुश हैं चन्नी? दी ये प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने छह महासचिवों की जिम्मेदारी बदली
कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को पार्टी के छह महासचिवों की जिम्मेदारी बदली है, जिसमे सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है. जबकि अब तक पंजाब के प्रभारी रहे भूपेश बघेल को आसाम का प्रभारी बनाया है. इसके अलावा रणदीप सिंह सुरजेवाल को गुजरात,सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़,डॉ श्रीविला प्रसाद को महाराष्ट्र और वीपी मोहन को आन्ध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है. इसमें रणदीप सिंह सुरजेवाला के पास कर्नाटक का भी प्रभार रहेगा.
सचिन पायलट के लिए पंजाब चुनौती
यहां बता दें कि अगले साल 2027 की शुरुआत में पंजाब में राज्य विधानसभा के चुनाव होने हैं, हाल ही में संगठन में फेरबदल के बाद कांग्रेस की गुटबाजी सतह पर आ गयी थी. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीन सिंह चन्नी और मौजूदा पंजाब अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और उनके समर्थकों में खुलकर गुटबाजी देखने को मिली. जबकि भूपेश बघेल और पार्टी के कई अन्य शीर्ष नेताओं ने राज्य के नेताओं के साथ कई बैठकें की लेकिन सहमति नहीं बन सकी.
लेकिन कांग्रेस ने सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाकर राज्य के नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शीर्ष नेतृत्व राज्य इकाई में कोई विघटन नहीं चाहता. राजा वडिंग को सचिन पायलट का करीबी माना जाता है और सचिन पायलट राजा वडिंग और चरनजीत सिंह चन्नी के बीच दूरी कम कर पाते हैं या नहीं ये देखना दिलचस्प होगा.
यह भी पढ़ें: पंजाब: भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को कमान, खींचतान के बीच कांग्रेस का बड़ा फैसला
