अयोध्या राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर इन दिनों देश और उत्तर प्रदेश की राजनीति की गरमाई हुई है, शुक्रवार ( 31 जुलाई 2026) को संसद परिसर और लोकसभा में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा और अनोखा प्रदर्शन किया. इस दौरान लोकसभा सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने भगवा वस्त्र पहनकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. हालांकि, पप्पू यादव के भगवा वस्त्र धारण करने पर अब इसको लेकर अखिल भारतीय संत समिति ने नाराजगी जताई है.
एबीपी लाइव को मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (31 जुलाई 2026) के दिन संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर अखिल भारतीय संत समिति ने नाराजगी जताई है, साथ ही सांसद पप्पू यादव से माफी मांगने की मांग संतों ने की है. साथ ही इसे संतों और सनातन धर्म का अपमान बताया है.
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सनातन धर्म और साधु संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं- संत समिति
महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने बयान जारी करते हुए कहा कि, अयोध्या में स्थित प्रभु राम मंदिर में जो कुछ भी हुआ इस पर अयोध्या के साधु संतों ने पहले ही जवाब दे दिया है और सर्वोच्च न्यायालय व SIT के दिशा निर्देश पर आने वाले समय में दोषियों को सजा दी जाएगी. लेकिन इस मामले को लेकर इस प्रकार से सनातन धर्म और साधु संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस मामले में पप्पू यादव बिना शर्त माफी मांगे.
सांसद पप्पू यादव को बर्खास्त करने की मांग
संत समिति का कहना है कि इस मामले पर पप्पू यादव बिना शर्त माफी मांगे, यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो हमारी राष्ट्रपति और लोकसभा स्पीकर से मांग है कि उन्हें बर्खास्त किया जाए. संतों ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी समाजवादी पार्टी और पप्पू यादव ने आज जिस प्रकार से संसद परिसर में विरोध किया है, वह सनातन धर्म का अपमान है.
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