सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने राकेश राठौर के खिलाफ रेप के आरोप में दर्ज FIR क्वैश करने का आदेश दिया है. बता दें कि 17 जनवरी को FIR दर्ज की गई थी. वहीं अब 17 सितंबर को कोर्ट ने FIR क्वैश करने का आदेश दिया है. इससे सांसद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है.
यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दिया है. न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने बड़ा आदेश सुनाया है. इस मामले में 20 महीने तक कानूनी प्रक्रिया चली. सांसद राकेश राठौर के अधिवक्ता वी.के.सिंह ने यह जानकारी दी है.
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सीतापुर एसपी ने FIR दर्ज होने के बाद दी थी यह जानकारी
सीतापुर के पुलिस के मुताबिक एक पीड़िता ने 15 जनवरी को एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें बताया गया था कि कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने चार सालों से शादी का झांसा देकर और राजनीतिक करियर में सहायता देने के नाम पर पीड़िता का रेप किया था. पीड़िता ने अपने कथन के समर्थन में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य कॉल रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई थी. पुलिस ने गहनता से अध्ययन किया.
2017 में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर लड़ चुके हैं चुनाव
राकेश राठौर 2017 के चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में सीतापुर से चुने गए थे. मई 2021 में, उनकी निजी बातचीत के कई ऑडियो लीक हुए थे, जिसमें वह सरकार की कड़ी आलोचना कर रहे थे. खासकर कोरोना महामारी की प्रतिक्रिया पर. साथ ही पार्टी के भीतर जातिवादी रुझान की भी शिकायत कर रहे थे.
बीजेपी का दामन छोड़ने के बाद राकेश राठौर ने सपा का रुख कर लिया. हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सपा ने टिकट नहीं दिया. इसके बाद राकेश राठौर ने राहुल गांधी से मुलाकात करके कांग्रेस जॉइन कर ली. 2024 के लोकसभा चुनाव में राकेश राठौर ने कई बार के सांसद राजेश वर्मा को हराकर यहां से जीत दर्ज की.
राकेश राठौर को 30 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और तब से 19 मार्च तक वह सीतापुर जिला जेल में बंद थे. कांग्रेस सांसद राकेश राठौर करीब 50 दिन तक जिला कारागार में बंद रहने के बाद जमानत पर रिहा हो गए थे.
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