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बांग्लादेश में हिंदुओं को टारगेट करने पर विदेश मंत्रालय बोला, ‘जरूर ध्यान दें…’


बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद भी वहां हिंदुओं पर अत्याचार के मामलों में कमी नहीं आई है. पिछले हफ्ते हिंदू शिक्षक और उनके परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के बाद देश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता फिर बढ़ गई. इसके अलावा जान से मारने की धमकी के बाद एक अन्य हिंदू कारोबारी का परिवार लापता है. बांग्लादेश में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पर भारत ने चिंता जाहिर की है. विदेश मंत्रालय के अनुसार तारिक रहमान सरकार को इस मामले में जरूरी कदम उठाने होंगे.

बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था पर भारत का बयान

बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘ये बांग्लादेश सरकार की जिम्मेदारी है, उन्हें इस पर जरूर ध्यान देने की जरूरत है.’ बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के जाने के बाद ये लगने लगा था कि वहां हिंदुओं पर अत्याचार बंद होंगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है.  

हिंदुओं पर अत्याचार के मामले बढ़े

बांग्लादेश के चांदपुर जिले में एक हिंदू कारोबारी को अज्ञात लोगों से धमकियां मिलने की खबरों के बीच वह और उसके परिवार के चार सदस्य लापता हैं. न्यूज पोर्टल बीडीन्यूज डॉट कॉम ने पुलिस के हवाले से बताया कि दुकान चलाने और सोने के आभूषण गिरवी रखकर कर्ज देने का काम करने वाले पिंटू दास, उनकी पत्नी, दो किशोर बेटे और उनके परिवार का एक अन्य सदस्य 20 अगस्त से लापता हैं.

हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (HBCUC) की चांदपुर इकाई की नेता और दास की रिश्तेदार उपमा डे ने बताया कि पिंटू दास शहर में किराए के मकान में रहते हैं तथा वह, उनकी पत्नी और दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले उनके दो बेटे लापता हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने सुना है कि वह कर्ज के बोझ तले दबे थे और इसी कारण उन्हें धमकियां मिली थीं.’

US रिपोर्ट ने खोली तारिक रहमान की पोल

अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज’ (HRCBM) ने जुलाई 2026 में एक रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के पहले 6 महीने में बांग्लादेश के 64 में से 63 जिलों में मानवाधिकार उल्लंघन की 824 पुष्ट घटनाएं हुईं. रिपोर्ट में कहा गया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के 142 मंदिरों पर हमले किए गए, 209 घरों और कारोबारी प्रतिष्ठानों में लूटपाट हुई और उनकी जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने की 73 घटनाएं सामने आईं.





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