नीट पेपर लीक के मामले पर हुए प्रदर्शन के बाद सरकार को पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा सौंप दिया. धर्मेंद्र प्रधान के बाद सरकार ने उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाया है. इस पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया सामने आई है.
अभिजीत दीपके ने कहा, “हमारी मांग थी कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो जो उन्होंने कर दिया है, लेकिन उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाया है जिनको बिलकिस बानो के रेप के बलात्कारियों का हार-माला डालकर स्वागत करते हुए देखा गया. सोचिए जो बच्चे स्कूल में पढ़ते होंगे, जो लड़कियां स्कूल में पढ़ती होंगी उनको कैसा लग रहा होगा.”
#WATCH | Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra | Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke says, “We want the government to do this (fulfill the demands agreed upon); otherwise, we will have to sit in protest again.” pic.twitter.com/XdqWYDazOj
— ANI (@ANI) August 3, 2026
‘बलात्कारियों का स्वागत करने वाला शिक्षा मंत्री बना हुआ’
अभिजीत ने आगे कहा, “लड़कियां सोचती होंगी कि बलात्कारियों का स्वागत करने वाला शिक्षा मंत्री बना हुआ है. इसलिए इसका तो हम बिल्कुल समर्थन नहीं करते.” उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले 20 के करीब छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ का मुआवजा देने के लिए कहा गया था. लेकिन मुझे खबर मिली है सरकार कह रही है कि हमें नियम और मानदंड देखने पड़ेंगे.
अभिजीत दीपके ने कसा तंज
दीपके ने तंज कसते हुए आगे कहा कि मुझे यह समझ नहीं आता कि जहां पर आपको सरकार गिरानी होती है वहां पर आप रातों-रात सरकार गिरा देते हो. जहां पर आपको एमपी-एमएलए खरीदने होते हैं वहां पर आप करोड़ों रुपये फेंककर एमपी-एमएलए खरीद लेते हो वहां पर आपको कोई नियम और मानदंड नहीं दिखते हैं, लेकिन जहां पर पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ मुआवजा देने की बात आती है तो आपको नियम और मानदंड याद आ रहे हैं. इसका मतलब यह है कि आपकी नीयत सही नहीं है.
उन्होंने यह भी कहा, “सरकार ऐसे बहाने न बनाएं. 1 करोड़ का मुआवजा सरकार उन परिवारों को दे दे जिनके बच्चों ने सुसाइड किया है. क्योंकि वो परिवार कर्जे में डूबे हुए हैं.” सरकार चेतावनी देते हुए दीपके ने कहा कि हम सरकार से कहना चाहते हैं कि जितना जल्दी हो सके वह उतनी जल्दी इसे पूरा कर दें वरना हमें फिर से आंदोलन पर बैठना पड़ेगा. क्योंकि जब तक यह सभी मांगे पूरी नहीं होती हैं तब तक हम लोग पीछे नहीं हटेंगे.
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