बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल साइट एक्स पर पोस्ट कर बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. रोहिणी आचार्य ने सरकार की नीतियों और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े करते हुए कई मुद्दों का जिक्र किया है.
रोहिणी आचार्य ने लिखा, “सम्राट/एनडीए सरकार की अपरिपक्व नीतियों व वित्तीय कुप्रबंधन की वजह से गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है बिहार. बिहार में वेतन-पेंशन का किश्तों में मिलना, जीविका दीदियों के भुगतान में देरी, इंक्रीमेंट पर रोक और फंड की कमी की वजह से बड़े प्रोजेक्ट्स की सुस्त रफ्तार से सम्राट चौधरी/एनडीए सरकार का कमजोर व बेपटरी हो चुका वित्तीय प्रबंधन अब पूरी दुनिया के सामने है, जो सीधे तौर पर सम्राट/एनडीए सरकार की अपरिपक्व नीतियों का प्रमाण है.”
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चुनावी घोषणाओं पर भी सवाल
उन्होंने आगे लिखा, “विधानसभा चुनाव से पहले बिना किसी ठोस वित्तीय रोडमैप के की गई लोकलुभावन घोषणाओं के कारण राज्य के खजाने पर भारी वित्तीय दबाव आ गया है. राज्य में कर्मचारियों के वेतन, इंक्रीमेंट और बुजुर्गों व विधवाओं की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए फंड जुटाने हेतु रिजर्व बैंक (RBI) से आपातकालीन कर्ज लेने की स्थिति बन चुकी है.”
जीविका दीदियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुद्दा
रोहिणी आचार्य ने आगे कहा, “महिला सशक्तिकरण के दावों के विपरीत, धरातल पर जीविका दीदियों के मानदेय और फंड आवंटन में देरी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पंगु हो रही है. बुनियादी ढांचे और बड़े प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी पड़ने से साबित होता है कि सरकार का पूरा बजट केवल देनदारियां चुकाने और दैनिक खर्चों को प्रबंधित करने में सिमट कर रह गया है.”
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उन्होंने आखिर में लिखा, “गौरतलब है कि राज्य का कुल कर्ज 3.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जिसका एक बड़ा हिस्सा केवल ब्याज चुकाने में जा रहा है, जो खराब आर्थिक नियोजन का स्पष्ट संकेत है.”
