बिहार के हाजीपुर शहरी क्षेत्र में गंगा और गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इसकी वजह से कई इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है. हाजीपुर नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 43 का चक मोहम्मदपुर गांव पूरी तरह पानी में डूब चुका है. गांव में 1600 से अधिक मकान हैं और यहां 6000 से ज्यादा लोग रहते हैं. अचानक आई बाढ़ के चलते सभी लोग प्रभावित हुए हैं.
पिछले 4-5 दिनों से गांव में लगातार पानी बढ़ रहा है. अब हालात ऐसे हैं कि लोगों के घरों के बाहर और आसपास पानी ही पानी नजर आ रहा है. बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को छोड़कर जरूरी सामान लेकर ऊंचे स्थानों पर पहुंच गए हैं. बाढ़ की वजह से गांव के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है.
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20 नावों की जरूरत, प्रशासन ने दी सिर्फ एक नाव
स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से पूरे वार्ड में फिलहाल सिर्फ एक नाव उपलब्ध कराई गई है. लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए एक नाव काफी नहीं है. नाव के सहारे ही लोग बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकलकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. स्थानीय स्तर पर करीब 20 नावों की जरूरत बताई जा रही है.
बाढ़ पीड़ित ने बताया है कि पिछले 4-5 दिनों से पानी अचानक बढ़ गया है. हम लोग किसी तरह घर छोड़कर अपना सामान लेकर ऊंचे स्थान पर पहुंच गए हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक न ही तिरपाल उपलब्ध कराया गया है और न ही खाने-पीने का कोई बंदोबस्त किया गया है. क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं, लेकिन जहां 20 नावों की जरूरत है, वहां मात्र एक नाव से ही किसी तरह काम चलाया जा रहा है.
वार्ड पार्षद ने 20 नावों की मांग की
वहीं, वार्ड पार्षद अभय कुमार ने भी प्रशासन से ज्यादा नाव उपलब्ध कराने की मांग की है. उनका कहना है कि पिछले साल 20 नाव उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन इस बार सिर्फ एक नाव दी गई है. बाढ़ में फंसे लोगों को इसी नाव के सहारे किसी तरह सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया जा रहा है.
वार्ड पार्षद-43 से अभय कुमार ने बताया कि हमारे क्षेत्र में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पिछले 4-5 दिनों से लोगों की परेशानी बढ़ गई है, लेकिन प्रशासन से हमने 20 नावों की मांग की है. पिछली बार भी 20 नाव उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन इस बार केवल एक नाव ही उपलब्ध कराई गई है.
उन्होंने बताया कि किसी तरह बाढ़ में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है. पिछले दो दिनों से लोग यहां पहुंचना शुरू हो गए हैं. वे अपने साथ लाए राशन या खाने-पीने की चीजों से ही गुजारा कर रहे हैं. प्रशासन की तरफ से यह बताया गया है कि आज से सामुदायिक किचन की शुरुआत की जाएगी.
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सामुदायिक किचन शुरू होने की उम्मीद
बाढ़ प्रभावित लोगों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से लोग ऊंचे स्थानों पर पहुंच रहे हैं और फिलहाल अपने साथ लाए राशन और खाने-पीने की चीजों के सहारे गुजारा कर रहे हैं. अब लोगों को प्रशासन की ओर से राहत सामग्री और भोजन मिलने का इंतजार है. वार्ड पार्षद के मुताबिक, प्रशासन ने आज से सामुदायिक किचन शुरू करने की बात कही है.
Input By : राजा बाबू
