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मुंबई लोकल में बढ़ते अपराध पर एक्शन, 150 स्टेशनों पर चेहरा पहचानने वाले कैमरे, एंट्री पर भी सख्ती


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  • फेशियल रिकॉग्निशन कैमरे लगेंगे, अवैध प्रवेश मार्ग बंद होंगे.

मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है. पिछले छह महीनों में चलती लोकल ट्रेनों में दो यात्रियों की हत्या की घटनाओं के बाद महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते ने रेलवे प्रशासन को मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क के 150 रेलवे स्टेशनों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं.

मंगलवार (30 जून) को आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में DGP ने स्पष्ट कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. बैठक में हाल ही में चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन में हुई हत्या की घटना पर विशेष रूप से चर्चा की गई, जिसमें दरवाजा बंद करने को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद एक यात्री की हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने लोकल ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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150 स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था होगी अपग्रेड

बैठक में तय किया गया कि पश्चिम रेलवे के 42 और मध्य रेलवे के 108 स्टेशनों का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा. इस ऑडिट का उद्देश्य मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की कमियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द दूर करना है यानि की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड किया जायेगा. 

DGP ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्टेशन पर यात्रियों की संख्या के अनुसार सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाए. स्टेशन के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों पर जांच व्यवस्था को और अधिक आधुनिक एवं सख्त बनाया जाए. महिला कोच के सामने लगाए जा रहे पैनिक बटन जल्द से जल्द पूरी तरह सक्रिय किए जाएं, ताकि आपात स्थिति में तत्काल मदद मिल सके.

सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाने पर जोर

इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाने के लिए सामान्य सीसीटीवी कैमरों की जगह फेशियल रिकग्निशन की क्षमता वाले कैमरे लगाए जाएंगे. अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि रेलवे स्टेशनों पर मौजूद सभी अवैध प्रवेश मार्गों की पहचान कर उन्हें स्थायी रूप से बंद किया जाए तथा उन पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए, ताकि असामाजिक तत्व स्टेशन परिसर में आसानी से प्रवेश न कर सकें.

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रत्येक तीन महीने में समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है. हालांकि, पिछली बैठक अप्रैल में हुई थी, लेकिन हालिया हत्या की घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए DGP सदानंद दाते ने निर्धारित समय से पहले ही यह विशेष समीक्षा बैठक बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए.

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