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मेट्रो में गूंजी शम्मी नारंग की आवाज, पोता बोला- ये तो दादू हैं


दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले लाखों लोगों ने शायद कभी न कभी एक आवाज जरूर सुनी होगी. स्टेशन आने की जानकारी हो या ट्रेन के दरवाजे बंद होने की सूचना, इस आवाज से यात्री इतने परिचित हैं कि कई बार ध्यान भी नहीं जाता कि इसे आवाज कौन देता है. लेकिन हाल ही में यही आवाज एक छोटे बच्चे के लिए हैरानी का कारण बन गई. दरअसल, मेट्रो की जानी-पहचानी आवाज वाले शम्मी नारंग अपने पोते रुशान को पहली बार मेट्रो की सवारी कराने पहुंचे. जैसे ही ट्रेन के अंदर उनके दादू की आवाज गूंजी, बच्चा उसे सुनकर हैरान रह गया. घर में रोज सुनाई देने वाली आवाज जब अचानक मेट्रो के अंदर सुनाई दी तो यह पल पूरे परिवार के लिए बेहद खास बन गया.

घर में सुनता था दादू की आवाज, मेट्रो में सुनकर हुआ हैरान

शम्मी नारंग ने अपने पोते रुशान की पहली मेट्रो यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. वीडियो में वह परिवार के साथ मेट्रो में सफर करते नजर आ रहे हैं. सफर के दौरान जैसे ही मेट्रो में घोषणा हुई, रुशान ने अपने दादू की जानी-पहचानी आवाज सुनी.

बच्चे के लिए यह अनुभव बिल्कुल अलग था. वह आवाज जिसे वह अब तक घर में सुनता आया था, वही आवाज अचानक मेट्रो के अंदर से आ रही थी. यही वजह थी कि रुशान के चेहरे पर हैरानी और उत्सुकता दोनों नजर आईं. परिवार के लिए भी यह पल किसी यादगार लम्हे से कम नहीं था.

मेट्रो की आवाज से जुड़ी है शम्मी नारंग की पहचान

शम्मी नारंग की आवाज मेट्रो यात्रियों के लिए कोई नई आवाज नहीं है. दिल्ली और मुंबई समेत देश के कई मेट्रो सिस्टम में उनकी आवाज सुनाई देती है. सालों से सफर करने वाले लोगों के लिए यह आवाज मेट्रो यात्रा का ही एक हिस्सा बन चुकी है.

खास बात यह है कि इतने सालों तक यात्रियों को अपनी आवाज से सफर का हिस्सा बनाने वाले शम्मी नारंग अब उसी आवाज को अपनी अगली पीढ़ी के साथ एक अलग अंदाज में देख रहे हैं. उनके पोते ने पहली बार मेट्रो में अपने दादू की आवाज सुनी और यही छोटी सी बात इस सफर को खास बना गई.

‘मेरी आवाज पीढ़ी दर पीढ़ी सफर करेगी’

वीडियो शेयर करते हुए शम्मी नारंग ने एक भावुक बात भी लिखी. उन्होंने कहा कि वह हमेशा इन मेट्रो ट्रेनों में सफर नहीं करेंगे, लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनकी आवाज एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सफर करती रहेगी.

उन्होंने अपने पोते रुशान का जिक्र करते हुए लिखा कि आज उसने पहली बार मेट्रो में सफर किया. वहां अपने दादू की आवाज सुनकर वह हैरान भी था और उलझन में भी. क्योंकि आवाज तो वही थी जिसे वह पहचानता था, लेकिन उसे सुनने की जगह बिल्कुल नई थी.

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सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- कुछ आवाजें कभी नहीं मिटतीं

शम्मी नारंग की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इस खूबसूरत पल से जुड़ गए. लोगों ने दादा और पोते के इस रिश्ते को बेहद प्यारा बताया. एक यूजर ने इसे जिंदगी का खूबसूरत ‘फुल-सर्कल मोमेंट’ बताया.

वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि शम्मी नारंग की आवाज सच में पीढ़ियों से जुड़ी हुई है. किसी ने इसे शब्दों से परे बेहद प्यारा पल बताया तो एक यूजर ने लिखा कि कुछ आवाजें कभी सच में खत्म नहीं होतीं.

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