उत्तर प्रदेश को एक और नए एक्सप्रेस वे की सौगात मिलने जा रही है. आज शाम रक्षामंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ से कानपुर के बीच बने 63 किमी लंबे एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करेंगे. जिसके बाद कल से ये एक्सप्रेस वे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. इस दौरान उनके साथ सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के सात ही उत्तर प्रदेश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
35-45 मिनट में लखनऊ से कानपुर की दूरी
इस एक्सप्रेस वे के शुरू होने लखनऊ से कानपुर के बीच की दूरी ढाई घंटे से घटकर महज़ 35-45 मिनट रह जाएगी. इस एक्सप्रेसवे पर चार पहिया छोटे वाहन 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे वहीं भारी वाहनों की स्पीड 80 किमी प्रति घंटे निर्धारित की गई है.
यूपी का पहले बैरियर फ्री हाईवे
छह लेन का 63 किमी. लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे क़रीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बना है. जो यूपी का पहला बैरियर फ्री हाईवे होगा, जिसमें कोई टोल प्लाजा नहीं होगा. इस एक्सप्रेशन वे RFID और ANPR कैमरों से चलते-चलते टोल कट जाएगा.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस पर टोल टैक्स
इस एक्सप्रेस वे छोटे वाहन जैसे कार, जीप जैसी गाड़ियों को एक तरफ का टोल टैक्स 275 रुपये देने होंगे. 24 घंटे में वापसी होती है तो कुल टोल 415 रुपये लगेगा.
पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होगा एक्सप्रेस वे
ये एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होगा. इसका मतलब है कि गाड़ी केवल तय एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से ही इस सड़क पर आ-जा सकेगी. इससे ट्रैफिक और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी. इस पर दो पहिया वाहन और तिपहिया वाहन को अनुमति नहीं होगी.
इन जिलों को जोड़ा गया
इस एक्सप्रेस वे के ज़रिए अयोध्या, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बनारस, प्रयागराज, ऊंचाहार, चाराबकी को आउटर रिंग के ज़रिए जोड़ा गया हैं जिससे यहां के लोगों को फायदा होगा. लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे के बाद हरदोई-लखनऊ के बीच एक और चार लेन का हाईवे बनकर तैयार है. 541 करोड़ रुपये की लागत से बने 32 किमी लंबे इस हाईवे से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
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