अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बीच अब राम जन्मभूमि ट्रस्ट में विवाद की एक और कड़ी जुड़ गई है. ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास की महंती पर सवाल उठ गया है. श्री पांच रामानंदी निर्मोही अखाड़े के सरपंच और महंतों की बैठक के बाद निर्मोही अखाड़े की अयोध्या शाखा के महंत दिनेंद्र दास को पद से हटा दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक अखाड़े के सरपंच और महंतों ने ये फैसला लिया है. 5 जुलाई को दिल्ली में पंचों की बैठक हुई थी और महंत दिनेंद्र दास पर अनुशासनहीनता अखाड़े के नियम का पालन न करना और आवश्यक दस्तावेज छुपाने का आरोप लगा. अखाड़े के सरपंचों का आरोप राम जन्मभूमि मामले में बिना अखाड़े के अन्य महंतो की सहमति लिए सर्वोच्च न्यायालय में सुलहनामा दिया गया, जिससे अखाड़े की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची.
महंत दिनेंद्र दास को पद से हटाया
अखाड़े की बैठक में प्रस्ताव लाकर महंत दिनेंद्र दास को पद से हटाने पर अखाड़े के सरपंच और महंतों ने सहमति जताई. इतना ही नहीं अखाड़े के सरपंचों ने महंत दिनेंद्र दास मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया और कहा कि अखाड़े की परंपरा और महंतों का लगातार अपमान कर रहे हैं.
पंच रामानंदी निर्मोही अखाड़े के सरपंच राजा रामचंद्राचार्य दास महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक हुई थी और बैठक में आमंत्रित 13 में 8 सदस्य मौजूद रहे. चार ने ऑनलाइन उपस्थिति जताई थी. महंत दिनेंद्र दास बैठक मे नहीं गए थे.
निर्मोही अखाड़े को एक पक्षकार मानकर ट्रस्ट में सदस्यता दी गई है. महंती का पद जाने के साथ ही दिनेंद्र दास से ट्रस्ट के सदस्य का पद छीना जा सकता है. बताया जा रहा है कि निर्मोही अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नए सिरे से ट्रस्ट के गठन की मांग रखी है. याचिका में ही महंत दिनेंद्र दास को हटाने का भी जिक्र किया गया है.
दिनेंद्र दास ने इन खबरों को बताया फर्जी
निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि दिल्ली में फर्जी बैठक कर उन्हें पद से हटाने की खबरों को एक प्रेस नोट जारी कर पूरी तरह निराधार बताया. उनका आरोप है कि केवल 8 लोगों के हस्ताक्षर कर फर्जी रजिस्टर तैयार किया गया, जबकि निर्मोही अखाड़ा 19 पंचों का पंचायती अखाड़ा है और 13 पंच आज भी उनके साथ हैं और कार्रवाई रजिस्टर भी अयोध्या में उनके पास मौजूद हैं.
साथ ही उन्होंने कार्तिक चोपड़ा पर 102 वर्षीय अखाड़ा प्रमुख को बहला-फुसलाकर फर्जी बयान दिलवाने का भी आरोप लगाया और दिल्ली की बैठक को कथित करार देते हुए यह भी कहा कि उन्हें इस बैठक की कोई सूचना भी नहीं दी गई.
पहले राम मंदिर में चोरी और अब ट्रस्ट के नवीन प्रकार से गठन की मांग के साथ ही दिनेंद्र दास को लेकर आई सूचना से चर्चा गर्म है कि अगर ये महंत नहीं होंगे तो इन्हें ट्रस्ट में भी जगह नहीं मिलेगी. सारी बातों को निराधार बताने वाले दिनेन्द्र दास अब आगे क्या करेंगे इस पर सबकी नजर है.
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