तमिलनाडु की सत्ता में लंबे वक्त तक गठबंधन में रहने वाली पार्टी कांग्रेस और DMK के बीच अब एक नया विवाद शुरू होता हुआ दिखाई दे रहा है, जो विपक्षी इंडिया ब्लॉक के भीतर भाषाई अंतर को लेकर मतभेद होने की तरफ इशारा करता है. दरअसल, तमिलनाडु में विपक्षी पार्टी DMK ने रविवार (11 अक्टूबर, 2026) को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ के हिंदी टाइटल वाले आउटरीच प्रोग्राम को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है.
डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने तमिलनाडु से जुड़े राहुल गांधी के शनिवार (10 अक्टूबर, 2026) को चेन्नई में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए हिंदी भाषा में शीर्षक के इस्तेमाल करने के कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि पार्टी को राहुल गांधी से तमिल सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए उपदेश लेने की जरूरत नहीं है. हम किसी को भी तमिल गौरव को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देंगे.
हमें आपसे कोई ज्ञान नहीं चाहिए राहुल गांधी- अन्नादुरई
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, डीएमके प्रवक्त सरवनन अन्नादुरई ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस में कोई बहुत बड़ा अंतर नहीं है. दोनों पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. राहुल गांधी यहां आकर बड़े-बड़े भाषण देते हैं. आपने न तमिल भाषा या न हीं अंग्रेजी जैसी न्यूट्रल भाषा में इसका नाम लेने की भी कर्टसी दिखाई और आप यहां आकर हमें हमारी सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करने का पाठ पढ़ा रहे हैं. राहुल गांधी, हमें आपसे किसी भी तरह का ज्ञान लेने की कोई जरूरत नहीं है.’
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu: On Rahul Gandhi’s ‘Chhatron Ki Goonj’ event, DMK spokesperson Saravanan Annadurai says, “There is no big difference between the BJP and Congress. Rahul Gandhi comes here and waxes eloquent… You did not even have the courtesy to name it in Tamil or a neutral language like English, and you are coming and teaching us—taking lessons on protecting our cultural identity? We don’t need your lessons, Rahul Gandhi. DMK is strong enough; DMK will not allow anybody to enter the state of Tamil Nadu who will destroy the culture and identity of the state of Tamil Nadu and its people…”
— ANI (@ANI) October 11, 2026
इस दौरान अन्नादुरई ने राज्य की स्वायत्तता और गौरव की रक्षा के प्रति डीएमके की प्रतिबद्धता पर जोर दिया है. उन्होंने कहा, ‘डीएमके इतनी मजबूत है कि वह तमिलनाडु में ऐसे किसी को भी घुसने नहीं देगी, जो राज्य और उसके लोगों की संस्कृति और पहचान को खत्म करेंगे.
डीएमके के तमिल संस्कृति और विरासत की रक्षा पर दिया जोर
डीएमके ने इस बात पर जोर दिया कि वह तमिलनाडु की विरासत की रक्षा के लिए पूरी तरह से संकल्पित और प्रतिबद्ध है. इसके साथ ही, पार्टी किसी को भी तमिल के गौरव को नुकसान पहुंचाने या कम करने की मंजूरी नहीं देगी.
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