लद्दाख में हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने वाली है. सरकार लेह के मौजूदा एयरपोर्ट को अपग्रेड करने और नुब्रा वैली के लिए सिविलियन उड़ानें चालू करने के मिशन पर काम कर रही है. कारगिल में उड़ान सेवा शुरू करने का फैसला 1 सितंबर को आखिरी जांच के बाद लिया जाएगा.
इन एयरपोर्ट्स पर उड़ान सेवा शुरू होने से तुरतुक, सियाचिन बेस कैंप, कारगिल और द्रास जैसे सीमावर्ती इलाकों में टूरिज़्म की संभावनाओं को और बढ़ावा मिलेगा. इन विकास कार्यों की घोषणा लद्दाख के LG ने नई दिल्ली में एयरफोर्स, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद की.
लद्दाख के LG वी.के. सक्सेना ने कहा, ‘लद्दाख UT में रीजनल कनेक्टिविटी और टूरिज़्म को बढ़ावा देने के लिए नुब्रा वैली के थोइस एयरपोर्ट और कारगिल एयरपोर्ट पर सिविल ऑपरेशन शुरू करने के मकसद से दिल्ली के लद्दाख भवन में रक्षा मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, IAF और AAI के सीनियर अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की.’
नया सिविल टर्मिनल बनाने पर 5 एकड़ जमीन को दी मंजूरी
दिल्ली में हुई बैठक के बाद, LG वी.के. सक्सेना ने घोषणा की कि इंडियन एयरफोर्स ने नुब्रा के थोइस एयरपोर्ट पर एक नया सिविल टर्मिनल बनाने के लिए 5 एकड़ ज़मीन देने की मंज़ूरी दे दी है. साथ ही, थोइस में रनवे की री-कार्पेटिंग का काम भी चल रहा है, जिसे नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है.
अधिकारियों के अनुसार, अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ, तो थोइस में सिविल ऑपरेशन दिसंबर 2026 से शुरू हो सकते हैं. इसके लिए पुराने चार्टर्ड फ़्लाइट टर्मिनल को रिनोवेट किया जाएगा.
लद्दाख सरकार ने पहले ही इस ऊंचे रेगिस्तानी इलाके के लिए हवाई ट्रैफ़िक की समीक्षा शुरू कर दी थी. सर्दियों के महीनों में श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह हाईवे बंद होने के कारण इस इलाके में कनेक्टिविटी की भारी समस्या होती है.
ज्यादातर निर्माण 2026 तक पूरा होने की उम्मीद
11 अगस्त को, लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने लेह के कुशोक बकुला रिम्पोचे एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण और नुब्रा के थोइस एयरपोर्ट से सिविल फ़्लाइट ऑपरेशन शुरू करने की प्रगति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की. बैठक के दौरान, AAI के एयरपोर्ट डायरेक्टर और जनरल मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) ए. उमाशंकर ने बताया कि ज़्यादातर निर्माण कार्य 15 सितंबर, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है और इसके साथ ही नई टर्मिनल बिल्डिंग ज़्यादा यात्रियों को संभालने में सक्षम होगी.
कारगिल को हवाई कनेक्टिविटी से अछूता न छोड़ते हुए, लद्दाख प्रशासन ने कारगिल के लिए भी नागरिक उड़ानें शुरू करने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं. यह द्रास और कारगिल इलाकों के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग रही है. लेकिन LOC के पास होने और पाकिस्तानी एयर डिफेंस व आर्टिलरी गन की फायरिंग रेंज में होने के कारण इसमें ज़्यादा प्रगति नहीं हो पाई है.
टर्मिनल बिल्डिंग और रनवे का काम काफी पहले हुआ पूरा
LG सक्सेना ने बताया कि हालांकि कारगिल एयरपोर्ट पर टर्मिनल बिल्डिंग और रनवे का काम काफी पहले पूरा हो चुका है, लेकिन नागरिक संचालन की तैयारी का आकलन करने के लिए 1 सितंबर को भारतीय वायु सेना, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ एक नया संयुक्त निरीक्षण तय किया गया है.
लद्दाख क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का समावेशी विकास करना है.
