लद्दाख में ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी ANTF को बड़ी कामयाबी मिली है. टीम ने लेह एयरपोर्ट पर कोकीन और MDMA जैसे पदार्थ बरामद किए हैं. इस मामले में हिमाचल प्रदेश के मंडी निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस के अनुसार, लद्दाख ANTF को ड्रग्स की तस्करी से जुड़ी जानकारी मिली थी. इसके बाद लेह एयरपोर्ट पर कार्रवाई की गई. जांच के दौरान मंडी निवासी सेवा दास के पास से कोकीन और MDMA जैसा पदार्थ बरामद होने की बात सामने आई है. आरोपी ड्रग्स की खेप पहुंचाने के लिए विमान से लेह आया था. बरामद ड्रग्स का सही नेचर और मात्रा की पुष्टि जांच प्रक्रिया के तहत की जा रही है.
NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज
मामले में ANTF पुलिस स्टेशन लद्दाख में NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR नंबर 12/2026 दर्ज की गई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था. जांच में आरोपी के संपर्कों और उससे जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क तो नहीं है.
लेह और करगिल में ड्रग्स के खिलाफ सख्ती
लद्दाख प्रशासन और पुलिस ने लेह तथा करगिल में नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया हुआ है. प्रशासन की नीति ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की है. पुलिस का फोकस केवल तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है. युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए शिक्षण संस्थानों और स्थानीय संगठनों के साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं.
पहले भी पकड़ी गई है ड्रग्स की खेप
ANTF की ओर से हाल के दिनों में भी नशीले पदार्थों से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की गई है. इनमें नेशनल हाईवे-3 पर वाहनों से हेरोइन की व्यावसायिक मात्रा बरामद करने और पर्यटक इलाकों से चरस जब्त करने के मामले शामिल हैं. लेह एयरपोर्ट पर हुई यह कार्रवाई इस बात की ओर भी ध्यान दिलाती है कि तस्कर अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल कर ड्रग्स को लद्दाख तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.
सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
सेवा दास की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. जांच के दौरान ड्रग्स के स्रोत, संभावित खरीदार और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है. प्रशासन का लक्ष्य लद्दाख में ड्रग्स की सप्लाई को रोकना और खासकर युवाओं को सिंथेटिक ड्रग्स के खतरे से बचाना है.
