भारतीय टीम को 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है. इस सीरीज में टीम इंडिया के मध्यक्रम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. नियमित तौर पर नंबर चार पर बल्लेबाजी करने वाले श्रेयस अय्यर इस सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं रह सकते हैं और उनकी जगह युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को मौका मिलने की संभावना है. इतना ही नहीं, तिलक को नंबर चार की अहम जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है.
दरअसल, 19 सितंबर से जापान में एशियन गेम्स खेले जाने हैं और श्रेयस अय्यर वहां भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे. ऐसे में उनका वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में खेल पाना संभव नहीं होगा. श्रेयस पिछले काफी समय से वनडे क्रिकेट में भारत के नियमित नंबर चार बल्लेबाज रहे हैं, लिहाजा उनकी गैरमौजूदगी में चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि इस महत्वपूर्ण स्थान पर किसे मौका दिया जाए.
तिलक वर्मा बन सकते हैं नंबर चार का विकल्प
इस रेस में तिलक वर्मा की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है. तिलक मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने के साथ-साथ बाएं हाथ के बल्लेबाज भी हैं और यही बात उनके पक्ष में जा सकती है. अगर वेस्टइंडीज सीरीज के लिए रोहित शर्मा का चयन होता है तो भारत का टॉप ऑर्डर काफी हद तक तय नजर आता है. रोहित शर्मा और शुभमन गिल ओपनिंग कर सकते हैं, जबकि विराट कोहली नंबर तीन पर उतरेंगे. ये तीनों दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं.
ऐसे में नंबर चार पर बाएं हाथ के तिलक वर्मा को उतारने से भारतीय बल्लेबाजी क्रम में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बनाया जा सकता है. इसके बाद नंबर पांच पर केएल राहुल की मौजूदगी टीम के मध्यक्रम को और संतुलित कर सकती है. तिलक की खासियत यह भी है कि वह परिस्थितियों के मुताबिक अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार बदल सकते हैं. जरूरत पड़ने पर पारी संभालने के साथ-साथ तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं. ऐसे में वनडे में नंबर चार पर उन्हें आजमाना टीम मैनेजमेंट के लिए एक अहम विकल्प हो सकता है.
एक साल बाद होगी वापसी
तिलक वर्मा भारत के लिए पांच वनडे मुकाबले खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने 68 रन बनाए हैं. उन्होंने अपना पिछला वनडे 6 दिसंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था, हालांकि उस मुकाबले में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था.
ऋतुराज गायकवाड़ भी रेस में
हालांकि श्रेयस अय्यर की जगह के लिए तिलक वर्मा अकेले दावेदार नहीं हैं. रुतुराज गायकवाड़ का नाम भी इस रेस में शामिल है और उनकी दावेदारी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. चयनकर्ताओं के सामने यह फैसला करना होगा कि वे अनुभव और मौजूदा फॉर्म के आधार पर किस खिलाड़ी को वेस्टइंडीज सीरीज में मौका देते हैं.
तिलक वर्मा फिलहाल दलीप ट्रॉफी में साउथ जोन की कप्तानी कर रहे हैं. ऐसे में घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन भी चयनकर्ताओं की नजर में रहेगा. यदि वह यहां बल्ले से प्रभाव छोड़ने में सफल रहते हैं तो वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में जगह बनाने का उनका दावा और मजबूत हो सकता है.
लेफ्ट हैंडेड होने का मिलेगा फायदा
अब निगाहें चयन समिति की बैठक पर रहेंगी. श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया नंबर चार के लिए किस खिलाड़ी पर भरोसा जताती है, यह वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम के ऐलान के साथ साफ हो जाएगा. फिलहाल तिलक वर्मा इस स्थान के लिए मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं और उनका बाएं हाथ का बल्लेबाज होना उनके पक्ष में एक बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है.
