बीजेपी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की अब तक यही राय रही है कि उन्हें देश, समाज, संस्कृति और धर्म के बारे में कुछ भी पता नहीं है.बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और एनसीपी कांग्रेस से ही अलग हुए थे. इस पर अब कांग्रेस के पूर्व सांसद राशिद अल्वी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जिस आदमी ने हजारों किमी तक पदयात्रा की हो वो देश को नहीं जानते?
‘शरद पवार और ममता बनर्जी पर तब दबाव नहीं था’
वहीं शरद पवार और ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “जब कांग्रेस से ये लोग गए थे तो इन पर कोई दबाव नहीं था. शरद पवार और ममता बनर्जी अपनी मर्जी गए थे. आज भी बहुत सारे लोग कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में बैठे हुए हैं, ये सब अपनी मर्जी से गए हैं. लेकिन ममता बनर्जी की मर्जी से नहीं टूटी है. आपने (बीजेपी) कानूनी एजेंसियों के दबाव से तोड़ी है. शरद पवार की पार्टी और शिवसेना को भी इसी तरह तोड़ा. जिस बात के लिए बीजेपी को शर्मिंदा होना चाहिए, उस बात पर बयान दे रहे हैं?”
नंदीग्राम में ममता बनर्जी के समर्थन पर क्या बोले?
नंदीग्राम में ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने के फैसले पर उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि अगर सारा विपक्ष एक उम्मीदवार बीजेपी के खिलाफ उतारेगा तो बीजेपी का जीतना नामुमकिन हो जाएगा. नंदीग्राम के अंदर कांग्रेस जीतेगी और पूरे देश को मैसेज जाएगा. अगर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, ममता बनर्जी और सीपीएम की अंडरस्टैंडिंग हो गई तो बीजेपी सारी फौज लगाने के बावजूद नहीं जीत पाती. ममता बनर्जी का ये कदम अच्छा है. इससे विपक्ष मजबूत होगा.”
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि ये बीजेपी की हार की हताशा है. अगर गिरफ्तार करना था तो पहले क्यों नहीं किया. चुनाव के बाद गिरफ्तार कर सकते थे. चुनाव आयोग खामोश रहा, उसे हस्तक्षेप करना चाहिए.
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