KTR और रेवंत के बीच जमीन को लेकर चल रहे आरोपों के दौर में एक नया मोड़ आया है. शुक्रवार (18 सितंबर) को BRS के कार्यकारी अध्यक्ष K. T. रामा राव ने मुख्यमंत्री A. रेवंत रेड्डी के सामने एक ‘बंपर ऑफर’ रखा. KCR परिवार के पास एक लाख करोड़ रुपये की जमीन होने के आरोपों का जवाब देते हुए KTR ने कहा कि ये आरोप एक प्रतिशत भी सच नहीं हैं.
उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि अगर इन आरोपों में एक प्रतिशत भी सच्चाई है, तो वे गरीबों के बैंक खातों में एक लाख करोड़ रुपये जमा करें. उन्होंने आगे मांग की कि अगर मुख्यमंत्री इतनी बड़ी रकम जमा करने में नाकाम रहते हैं, तो उन्हें अपनी ‘बेबुनियाद बातें’ बंद करनी चाहिए और तुरंत माफ़ी मांगनी चाहिए.
KTR ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के इस नाकाम कैंपेन के बाद कि KCR परिवार के पास 1,000 एकड़ का फार्महाउस है, अब एक नया कैंपेन शुरू किया जा रहा है कि KCR परिवार के पास एक लाख करोड़ रुपये की ज़मीन है. उन्होंने याद दिलाया कि रेवंत रेड्डी ने खुद विधानसभा में माना था कि KCR के फार्म में सिर्फ़ 67 एकड़ जमीन है.
केटीआर ने लगाए साजिश रचने के आरोप
इसके बावजूद, KTR ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एक बार फिर साजिशें रच रहे हैं और मनगढ़ंत कहानियां फैला रहे हैं. ऐसा वे अपनी सरकार की 1000 दिनों की नाकामियों जैसे कांग्रेस के 420 वादों को पूरा न करना और 22-A जमीन से जुड़ा विवाद से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं.
KTR ने कहा कि इन आरोपों में ‘जहर तो है, लेकिन कोई ठोस बात नहीं है’. उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री ऐसा दिखावा क्यों कर रहे हैं, जबकि वे जानते हैं कि इनमें एक प्रतिशत भी सच्चाई नहीं है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान कालेश्वरम प्रोजेक्ट में एक लाख करोड़ रुपये के घोटाले के ऐसे ही आरोप लगाए गए थे, लेकिन अब तक भ्रष्टाचार का एक भी मामला साबित नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा कि ज़मीन से जुड़े नए आरोपों के लिए भी वही तरीका अपनाया जा रहा है और यह सोचना गलत है कि लोग उन पर यकीन कर लेंगे. KTR ने कहा कि KCR की जिंदगी एक खुली किताब की तरह है. उन्होंने तेलंगाना आंदोलन में उनकी भूमिका और लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के उनके संकल्प को याद किया.
सरकार पर उठाए सवाल
सरकार के कामकाज के मुद्दों पर बात करते हुए KTR ने कहा कि पूरे तेलंगाना में किसान बिजली कटौती, यूरिया की कमी और सिंचाई से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. उन्होंने इन मुद्दों के बजाय मुख्य विपक्षी पार्टी को निशाना बनाने पर सरकार के फ़ोकस पर सवाल उठाए.
सीएम पर लगाया झूठे और मनगढ़ंत दावे करने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के पहले साल में दो लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन 1,000 दिन बीत जाने के बाद भी वह वादे के मुताबिक़ दस प्रतिशत नौकरियां भी नहीं दे पाई है. KTR ने मुख्यमंत्री पर विधानसभा में झूठे और मनगढ़ंत दावे करने का आरोप लगाया, जिससे विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंची है.
