राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार (6 सितंबर) की दोपहर एक ऐसी घटना घटी जिसके 10:30 घंटों से दिल्ली की सांसे थमीं हुईं हैं. इस दौरान हर हाथ प्रार्थना के लिए उठे हैं. दरअसल बीते साढ़े 10 घंटों से लोग मलबों में जिंदगियां तलाश रहे हैं. रविवार को सत्य निकेतन की एक बिल्डिंग भर-भराकर गिर गई. बताया गया कि इस बिल्डिंग को पीजी के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था.
वहीं पीजी में पढ़ाई करने वाले कुछ छात्र किराए पर रहते थे. ऐसे में बिल्डिंग गिर जाने के बाद 30 से 50 छात्रों के मलबे में दबे होने की सूचना मिली थी. फिलहाल 12 लोगों को मलबे से अब तक निकाला जा चुका है. वहीं मरने वालों की संख्या बढ़कर, अब तक 5 हो गई है. दिल्ली में मरने वाले एक छात्र का नाम युवराज है. इसके अलावा एक मजदूरी की भी मौत की खबर है.
कई पार्टी और संगठनों ने जताया विरोध
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर कई पार्टियों और छात्र संगठनों ने भी कड़ा विरोध जताया है. इसमें कांग्रेस ने बीजेपी और दिल्ली सरकार पर कई आरोप मढ़े हैं. वहीं कॉकरोच जनता पार्टी, बीजेपी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई लगातार घटना को लेकर सक्रिय हैं.
इस बीच एबीवीपी के सदस्यों ने विरोध किया. विरोध-प्रदर्शन के दौरान सिविक सेंटर स्थित MCD ऑफिस में तोड़-फोड़ की गई. इस दौरान उन्होंने MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग की है. वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रतिनिधिमंडल सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में घायल लोगों से मिलने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचा. CJP नेशनल ज्वाइंट सेक्रेटरी बालकृष्ण शुक्ला ने कहा, “ये तो बहुत दुखद घटना है. इस पर कुछ बोलना भी ठीक नहीं है. जिस तरीके से जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोए हैं, उनको पता है कि आज की घटना कितना ज्यादा दुखद है.”
एनएसयूआई के अध्यक्ष का वीडियो वायरल
घटना के तुरंत बाद एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ घटनास्थल पर पहुंचे. इस बीच उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वह हादसे का शिकार हुई बिल्डिंग के बगल वाली इमारत को खाली कराने के लिए अपील करते हुए दिखाई दे रहे हैं. फिलहाल एमसीडी ने बगल वाली इमारत को भी सील कर दिया है.
🆘 #SOSNSUI
सत्य निकेतन दिल्ली में जो बिल्डिंग गिरी है, उसके बगल वाली बिल्डिंग की स्थिति भी बेहद जर्जर है और उसके कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है.
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष @VinodJakharIN जी की उपस्थिति में NSUI की पूरी टीम मौके पर पहुँच चुकी है और हर संभव मदद के लिए तैयार है.… pic.twitter.com/N9Wcs9wKwl
— NSUI (@nsui) September 6, 2026
सत्य निकेतन हादसे से जुड़ीं अहम बातें
- 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर करीब 1 बजे ढही.
- हादसे में अब तक 5 की मौत, 12 का रेस्क्यू किया गया.
- 30 से 50 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका.
- घटनास्थल पर आधी रात रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.
- घटना के बाद एमसीडी कमिश्नर के इस्तीफे की मांग.
- सीजेपी, एबीवीपी और एनएसयूआई ने संभाला मोर्चा.
- सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायज लिया.
- सीएम रेखा गुप्ता ने कमेटी बनाकर दिए जांच के आदेश.
- एम्स अस्पताल में घायलों और डॉक्टरों से मिलीं रेखा गुप्ता.
- रेखा गुप्ता ने न्यायिक जांच और एफआईआर के आदेश दिए.
- पुलिस ने BNS की धाराओं 105/290/125(a) के तहत FIR नंबर 153/26 दर्ज की
- मुख्यमंत्री ने मेडिकल टीम को दिए उचित इलाज के निर्देश.
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी, राहुल गांधी, सीएम योगी समेत कई बड़े नेताओं ने जताया दुख.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने घटना पर जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. ‘एक्स’ हैंडल से पोस्ट कर लिखा, दिल्ली में एक इमारत गिरने की दुर्घटना से मुझे बहुत दुख पहुंचा है. इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं.”
हादसे पर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राजधानी में इमारत गिरने की घटना में हुई मौतों पर दुख जताया और कहा कि प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं. मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद है. अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. अधिकारी घटनास्थल पर काम कर रहे हैं और इस हादसे से प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं.”
सीएम रेखा गुप्ता ने व्यक्त की संवेदनाएं
सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आरके पुरम के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से बहुत चिंता है.उन्होंने कहा कि डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, सीएटीएस और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं. एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है. फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है.
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दिल्ली की रेखा गुप्ता ने कहा कि 11 लोगों को बचाया गया है. मैं अस्पताल जा रही हूं. हमें बचाए गए सभी लोगों की हालत के बारे में जानना होगा. मैं बस इतना कह सकती हूं कि इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, चाहे वह इमारत का मालिक हो या कोई अधिकारी उसे बख्शा नहीं जाएगा.
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दी यह प्रतिक्रिया
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने इस घटना पर दुख जताया है.राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है. कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं.
राहुल गांधी ने कहा, “मेरी अपील है कि एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं. इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं.
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने घटना पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस (सत्य निकेतन) में पीजी इमारत गिरने और छात्रों के मलबे में दबे होने की खबर विचलित करने वाली है और सरकार के नीतियों पर भी बड़े सवाल खड़े करती है. देश भर से युवा सुनहरे भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आते हैं, लेकिन क्या उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी की नहीं है?
मुख्यमंत्री समेत कई नेता घटनास्थल पर पहुंचे
घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और सांसद बांसुरी स्वराज तुरंत मौके पर पहुंचे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने जमीनी हालत का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री, पुलिस आयुक्त और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के महानिदेशक से बात की. 
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, .घायलों को हर जरूरी चिकित्सीय मदद दी जा रही है. सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं.” आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुप्ता से बात की और उन्हें मदद की पेशकश की. एक अधिकारी ने बताया कि नयी दिल्ली रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त, दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और अतिरिक्त डीसीपी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि इस इमारत का नाम ‘हॉस्टल डेज’ था और इसका मालिक गुरुग्राम का रहने वाला है. प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है और पुलिस की सात-आठ टीम इमारत के मालिक की तलाश कर रही हैं. 
दिल्ली पुलिस ने घटना पर दिया ये बयान
दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, .अब तक मलबे में फंसे या घायल लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है. पुष्टि होने पर आगे की जानकारी दी जाएगी.” दिल्ली पुलिस में काम करने वाले स्थानीय निवासी राजन छेत्री ने बताया कि इमारत में लगभग 15 कमरे थे और हर कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे.
उन्होंने कहा, .मैं पिछले 20 वर्षों से यहां रह रहा हूं. बेसमेंट में कुछ निर्माण कार्य हो रहा था, जहां पानी जमा होने लगा था. नींव भी बेहद कमजोर थी.” एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि अगर यह घटना किसी कार्यदिवस पर हुई होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी, क्योंकि सप्ताहांत के कारण आसपास के कई छात्र घर गए हुए हैं. उन्होंने कहा, .यहां बहुत कम लोग थे.”
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