भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज सुरेश रैना ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने विराट कोहली की कप्तानी के समय टीम इंडिया से बाहर होने पर चुप्पी तोड़ी है. रैना ने पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में बड़ा खुलासा किया है. रैना ने भारत के लिए 226 वनडे और 78 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले. वह 18 टेस्ट भी खेले, लेकिन सीमित ओवरों में लगातार टीम का हिस्सा रहे. हालांकि, वह 2018 में आखिरी बार भारत के लिए खेले.
रैना ने कहा कि जब एमएस धोनी के बाद विराट कोहली ने टीम इंडिया की कप्तानी संभाली, तो सेलेक्शन प्रोसेस में बदलाव होना आम था.
रैना ने कहा, “मैं और युवराज, दोनों शुरुआत में यो-यो टेस्ट में फेल हो गए थे. बाद में हमने यो-यो टेस्ट पास किया. हमने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाए, लेकिन फिर भी टीम इंडिया में वापसी नहीं हुई. मैंने कप्तान और कोच से सवाल पूछे कि जब हमने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है तो फिर हमें टीम में मौका क्यों नहीं मिल रहा है, लेकिन किसी ने भी साफ जवाब नहीं दिया.”
रैना ने माना कि 2019 वनडे वर्ल्ड कप में ना चुना जाना उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट रहा. उन्होंने कहा, “हर कप्तान अपने हिसाब से प्लेयर चुनता है, टीम बनाता है, लेकिन मुझे लगता है कि मेरे और युवराज के टीम में होने पर टीम को हमारे अनुभव का फायदा मिलता. सेलेक्टर्स ने अलग बल्लेबाजों और अलग विकेटकीपर को मौका दिया. जिससे हम दोनों का विश्व कप खेलने का सपना अधूरा रह गया.”
बता दें कि सुरेश रैना ने महज 33 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया. 15 अगस्त 2020 को एमएस धोनी के संन्यास के कुछ देर बाद रैना ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया. रैना का यह बयान कई सवाल खड़े करता है. कई और खिलाड़ियों ने भी विराट कोहली की कप्तानी के दौर में सेलेक्शन प्रोसेस पर सवाल उठाए हैं.
यह भी पढ़ें-
Watch: IND vs PAK मैच में पाकिस्तानी फैन ने गाया राष्ट्रगान, वीडियो वायरल
