अगर आप भी कम बजट में घूमने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन होटल के महंगे किराए आपके ट्रैवल बजट को बिगाड़ रहे हैं, तो हॉस्टल आपके लिए अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. बड़ी बात यह है कि यहां आपको कम कीमत में रहने की जगह के साथ-साथ Cafe, Wifi और गेमिंग जोन जैसी कई सुविधाएं मिल सकती है. हालांकि हॉस्टल में रुकना सिर्फ ठहरने तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि दूसरे यात्रियों से मिलने-जुलने और नई जगहों को बेहतर तरीके से जानने का मौका भी मिलता है. यही वजह है कि खासकर युवा और सोलो ट्रैवलर्स के बीच हॉस्टल का चलन तेजी से बढ़ रहा है.
कितने रुपये से शुरू हो सकता है हॉस्टल का खर्च?
आमतौर पर हॉस्टल में डॉर्मिटरी बेड होटल के मुकाबले में काफी कम कीमत में मिल जाते हैं. लेकिन कई जगहों पर इसकी कीमत करीब 400 से 1,000 रुपये प्रति रात तक हो सकती है. हालांकि, इसका किराया शहर, सीजन, लोकेशन और हॉस्टल में मिलने वाली सुविधाओं के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है. ऐसे में होटल के बजाय कम कीमत में ठहरने की जगह मिलने से यात्रियों के पास घूमने, खाने और दूसरी एक्टिविटीज ज्यादा पैसों की बजट हो सकती है.
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क्या है हॉस्टल की खासियत?
हॉस्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां का सोशल माहौल है. इसके साथ आपको एक ही जगह पर अलग-अलग शहरों और देशों से आए यात्रियों से मुलाकात और बातचीत हो सकती है. हालांकि, आसपास घूमने की जगहों की जानकारी भी मिल सकती है.
क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
- फ्री या पेड Wi-Fi
- कैफे और कॉमन एरिया
- गेमिंग जोन
- लगेज स्टोरेज
- बुक एक्सचेंज
- ट्रैवल असिस्टेंस
- प्राइवेट कमरे
- महिलाओं के लिए अलग डॉर्मिटरी
सोलो ट्रैवलर्स के लिए क्यों खास है हॉस्टल?
अकेले घूमने वाले यात्रियों के लिए हॉस्टल एक सोशल स्पेस की तरह काम करता है. कॉमन एरिया, शेयर्ड किचन और ग्रुप टूर जैसी एक्टिविटीज के दौरान नए लोगों से मुलाकात करने का मौका मिलता है. कई बार यही मुलाकात आगे चलकर आपके ट्रैवल पार्टनर या दोस्त भी बन जाते हैं.
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