झारखंड के गम्हरिया थाना परिसर में महिला से कथित रेप के मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. सरायकेला के पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज स्वर्गियारी ने एक्शन लेते हुए 9 और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. इनमें दो सब इंस्पेक्टर, चार एएसआई, दो हवलदार और एक कांस्टेबल शामिल हैं. इस कार्रवाई के बाद मामले में अबतक थाना प्रभारी सहित कुल 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है.
एसपी मनोज स्वर्गियारी रविवार (01 नवंबर) को खुद गम्हरिया थाना पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच की. इस दौरान उन्होंने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की समीक्षा की. एसपी ने बताया कि ताजा निलंबन की कार्रवाई अनुशासनहीनता बरतने और घटना की जानकारी सीनियर अधिकारियों को समय पर नहीं देने के मामले में की गई है.
गम्हरिया थाने में घटना के बाद SP ने तुरंत की कार्रवाई
गौरतलब है कि गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित रेप का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई शुरू की थी. आरोपी वायरलेस ऑपरेटर आरक्षी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई.
गम्हरिया थाने में रेप की घटना पर सियासत भी तेज
इधर घटना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज है. रविवार को पूर्व सांसद और भाजपा की नेता गीता कोड़ा के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से मुलाकात कर आरोपी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाने और सभी थानों को महिला फ्रेंडली बनाने की मांग की. वहीं झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए.
मामले की जांच जारी है- एसपी
एसपी मनोज स्वर्गियारी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता सामने आने पर संबंधित पुलिस पदाधिकारी या कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. लगातार हो रही निलंबन की कार्रवाई से स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन घटना के साथ-साथ मामले की सूचना देने और विभागीय अनुशासन के पालन में हुई चूक की भी जांच कर रहा है. डॉक्टर की जांच रिपोर्ट का भी इंतजार है.
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