- निशु के पिता पर हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर पॉक्सो भी लगा।
सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने निशु आजाद पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान करने को लेकर दिल्ली पुलिस से शिकायत की है. शिकायतकर्ता का दावा भगवान शिव, श्रीकृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से जुड़े आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का मौका दिया था. उन्होंने कहा कि निशु नाबालिग है, इसलिए पहले कानूनी कार्रवाई के बजाय उन्हें और उसके पिता को पोस्ट हटाने के लिए कहा गया था.
अमिता सचदेवा का आरोप है कि निशु और उसके पिता/अभिभावक ने अभी तक हिंदू देवी-देवताओं को लेकर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट नहीं किए और कंटेंट ऑनलाइन सार्वजनिक रूप से मौजूद है. पोस्ट नहीं हटाए जाने के बाद और इस जानबूझकर किए गए इनकार के खिलाफ मेरे पास उसके और उसके पिता/अभिभावक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था.
मामले को लेकर अमिता सचदेवा ने क्या कहा?
शिकायतकर्ता वकील अमिता सचदेवा ने कहा, ‘किसी की धार्मिक मान्यताओं से असहमति व्यक्तिगत अधिकार है, लेकिन यह किसी को दूसरे लोगों के देवी-देवताओं और उनकी पूजा का मजा उड़ाने, उन्हें नीचा दिखाने या उनका अपमान करने का अधिकार नहीं देता है. अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की आजादी नहीं है.’
I gave @Nishuazad11 (Nishu Aazad) a clear and polite opportunity to delete the posts that insult Hindu Deities, Bhagwan Shiv, Bhagwan Shri Krishna, Maa Saraswati, and Maa Durga.
She is a minor. That is why I first asked her, and through her, her father, to take the posts down… pic.twitter.com/UNCgxbs5AW
— Amita Sachdeva, Advocate (@SachdevaAmita) September 5, 2026
उन्होंने कहा, ‘जो लोग इस तरह की कंटेंट पोस्ट करते हैं और जिन्हें नोटिस दिए जाने के बाद भी नाबालिग के अकाउंट से ऐसे कंटेंट ऑनलाइन रहने की अनुमति दी जाती है, उन्हें कानून की प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.’
निशु के पिता पर कथित हमले को लेकर पहले से मचा है बवाल
दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाली नाबालिग निशु आजाद के पिता पर कथित हमले को लेकर पहले से राजनीतिक बवाल मचा हुआ है. निशु के पिता पर कथित हमले का आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार करने और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से लेकर कांग्रेस और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी तक दिल्ली पुलिस से मांग कर रहे हैं.
इस बीच सामने आए एक नए घटनाक्रम में स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. दरअसल, दिल्ली पुलिस ने मारपीट के आरोप में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पहले SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया. इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के लगातार विरोध के बाद दिल्ली पुलिस में मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं.
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