उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में मानव तस्करी के अंतर्राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, पुलिस ने गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अपहृत नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है. पुलिस ने गिरोह के पास से 5000 रुपये नकदी और तीन मोबाइल फोन बरामद किये हैं.
सीओ सिटी वरूण मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व कोतवाली नगर क्षेत्र के शिवगढ़ी मोहल्ले से एक 15 वर्षीय बच्चा गायब हुआ था. पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर बच्चे की तलाश शुरू की. पुलिस टीमों ने इस बच्चे को खोजने के लिए इलाके के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. इसी जांच के दौरान पुलिस का सामना बच्चों की मानव तस्करी करने वाले एक ऐसे गिरोह से हुआ, जो बेहद कम पैसों में मासूमों का सौदा कर देता था.
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पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस टीम ने सोमवार की सुबह रेलवे यार्ड रोड स्थित नीलकंठ मंदिर के पास से घेराबंदी कर इस गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमित कुमार गुप्ता, दीपक, मुकेश शर्मा और योगेश के रूप में हुई है. पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अमित और दीपक भोले-भाले बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते थे और फिर उन्हें मुकेश शर्मा व योगेश को बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे.
1500 से 2000 में होता था बच्चों का सौदा
सीओ ने बताया कि यह गिरोह बच्चों को अगवा करने के बाद बेहद मामूली रकम, यहां तक कि महज 1,500 रुपये जैसी छोटी राशि में भी बच्चों को आगे बेच दिया करता था. इन मासूम बच्चों को ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी और अन्य मजदूरी के कामों के लिए ऊंचे दामों पर बेचा जाता था.
आरोपियों को भेजा गया जेल
सीओ वरूण मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने न सिर्फ हापुड़ से गायब हुए बच्चे को सुरक्षित रूप से बचाया है, बल्कि वाराणसी के रहने वाले एक अन्य 17 वर्षीय किशोर भी इस गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया है. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है और गिरोह के अन्य नेटवर्क व खरीदारों का पता लगाने के लिए आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है.
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