उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के हाजिन स्थित चेक चंदरगीर इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया. यहां झेलम नदी में टेंट का सामान धोते समय तीन युवक अचानक नदी के तेज बहाव में बह गए और डूबने से उनकी मौत हो गई. कई घंटों तक चले लंबे बचाव अभियान (Rescue Operation) के बाद गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों युवकों के शवों को नदी से बाहर निकाल लिया गया है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है.
पैर फिसलने से हुआ हादसा, मृतकों की पहचान हुई
मिली जानकारी के अनुसार, तीनों युवक नदी के किनारे टेंट का सामान धो रहे थे. इसी दौरान काम करते समय उनका पैर गलती से फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए. मृतकों की पहचान चंदरगीर हाजिन के ही रहने वाले सोहेल अहमद डार (22 वर्ष, पिता- गुलाम नबी डार), आदिल अहमद डार (18 वर्ष, पिता- बशीर अहमद डार) और समीर अहमद डार (22 वर्ष, पिता- मोहम्मद जमाल डार) के रूप में हुई है. शवों को कानूनी औपचारिकताओं (मेडिको-लीगल) के लिए हाजिन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया.
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SDRF की लेट-लतीफी पर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन और SDRF (State Disaster Response Force) की टीम के खिलाफ भारी गुस्सा है. चश्मदीदों और ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद सरकारी बचाव दल (SDRF) मौके पर काफी देर से पहुंचा.
एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “बचाव अभियान के शुरुआती चरण में गांव के स्थानीय लड़के खुद ही अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में उतरे और खोजबीन शुरू की. सरकारी टीम बहुत देर से आई.” घटना की खबर फैलते ही पीड़ितों के रिश्तेदार और भारी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जमा हो गए. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन आगे की कार्रवाई कर रहे हैं.
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