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Baghpat News: बड़ौत में बिजली के कटौती के विरोध में 8 घंटे सड़क जाम, अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी


बागपत के बड़ौत शहर में भीषण गर्मी में आधे शहर की विद्युत व्यवस्था पटरी से उतर गई है. ओवरलोड के कारण एबीसी केबिल और ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, जिनसे बिजली और पानी का संकट खड़ा हो गया है. लोगों ने समस्या का समाधान न होने पर सभासदों के साथ मिलकर ऊर्जा निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर 8 घंटे तक सड़क जाम की.

वहीं, समस्या की गंभीरता को देखते हुए राज्यमंत्री केपी मलिक (कृष्ण पाल मलिक) ने नगर पालिका में ऊर्जा निगम के कर्मचारी और अधिकारियों की बैठक बुलाई, जिसमें परेशान लोगों को अधिकारियों से रू-ब-रू कराते हुए सख्त हिदायत दी कि आम जन की परेशानी को देखते हुए सभी को फोन उठाना होगा, यदि ऐसा नहीं होगा तो कार्रवाई होगी.

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एबीसी केबल और ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली-पानी आपूर्ति प्रभावित

गौरतलब है कि भीषण गर्मी के बीच शहर की विद्युत व्यवस्था पलट गई. ओवरलोड के कारण कई एबीसी केबल और ट्रांसफार्मर फुंकने से आधे शहर में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई. बिजली व पानी न मिलने से लोग जहां परेशान और ग्रस्त दिखे, वहीं नागरिकों की बढ़ती नाराजगी के बाद मामला सड़क पर भी आ गया.

बिजली विभाग और नगर नगर निगम के लोग नहीं उठाते फमंन

लोगों का कहना है कि दोपहर के बाद से कई मोहल्लों में लगातार बिजली गुल रही, जिससे पानी के पंप भी बंद हो गए और पेयजल की आपूर्ति रूक गई. शहर के कुछ हिस्सों में एबीसी केबल से धुआँ निकलता और ट्रांसफार्मर फटने की आवाज़ें सुनी गईं. प्रभावित नागरिकों ने बिजली व नगर निगम के फोन किए, लेकिन कई बार कर्मचारियों ने कॉल नहीं उठाए या देर से जवाब दिया, जिससे तीखी टिप्पणी भी हुई.

ऊर्जा निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी

व्यवस्था से गुस्साएं लोगों और नगर पालिका के सभासदों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और आठ घंटे तक सड़क जाम कर धरना दिया. प्रदर्शनकारियों ने बिजली-वितरण में लापरवाही और आपातस्थिति में जवाबदेही न देने का आरोप लगाया. 

मंत्री केपी मलिक ने लगाई फटकार

राज्यमंत्री केपी मलिक (कृष्ण पाल मलिक) ने तत्काल प्रभाव से नगर पालिका में ऊर्जा निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों की बैठक बुलाई. बैठक में राज्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर शिकायत पर फोन उठाना अनिवार्य होगा और उनसे रू-ब-रू होकर समाधान की व्यवस्था की जाए यदि ऐसा नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.

ऊर्जा निगम के स्थानीय अधिकारी ने बैठक में बताया कि अचानक बढ़ी बिजली की मांग (गर्मी के कारण) और पुराने उपकरणों के कारण ओवरलोडिंग हुई है, जिसके चलते कुछ केबल और ट्रांसफार्मर फेल हुए. उन्होंने कहा कि दोषग्रस्त उपकरणों की मरम्मत के साथ ही एहतियाती कदम उठाकर कटौती-आधारित आपूर्ति और पावर शेड्यूलिंग लागू की जा रही है ताकि आगे की सेवा बहाल की जा सके. नगर पालिका ने भी पाइपलाइन-पंपिंग व आपात जल समस्याओं के निवारण के लिए जल्दी कदम उठाने का आश्वासन दिया.

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