मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट का चुनाव दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. बीजेपी ने कांग्रेस प्रत्याशी के के सामने मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष को मैदान में उतार दिया है. दोनों उम्मीदवार सोमवार (8 जून) को नामांकन दाखिल करेंगे.
क्या कहता है विधानसभा का गणित?
प्रभावी विधायक: 228
राज्यसभा की 3 सीटों के लिए प्रति सीट जीत का आंकड़ा: 58 वोट
बीजेपी: 164 विधायक
कांग्रेस: 64 विधायक
बीएपी: 1 विधायक
विजयपुर सीट के विधायक मतदान नहीं कर सकेंगे
बीजेपी की स्थिति
बीजेपी के 164 विधायक हैं.
दो सीटें जीतने के लिए 58-58 यानी 116 वोट चाहिए.
116 वोट देने के बाद बीजेपी के पास 48 वोट बचेंगे.
तीसरी सीट जीतने के लिए 58 वोट चाहिए.
यानी बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट को जिताने के लिए पार्टी को कम से कम 10 अतिरिक्त वोट चाहिए होंगे.
कांग्रेस की स्थिति:
कांग्रेस के प्रभावी वोट 63 माने जा रहे हैं. यदि बीएपी विधायक का समर्थन मिलता है तो संख्या 64 तक पहुंच सकती है.
जीत के लिए जरूरी वोट:58
संभावित वोट: 63 से 64
इस स्थिति में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जीत के आंकड़े से 5 से 6 वोट आगे दिखाई देती हैं.
बीजेपी की रणनीति क्या हो सकती है?
बीजेपी की तीसरी सीट की दावेदारी पूरी तरह राजनीतिक प्रबंधन और संभावित क्रॉस वोटिंग पर निर्भर है.
संभावित समीकरण:
बीजेपी के अपने वोट: 48
जीत के लिए अतिरिक्त जरूरत: 10 वोट
इसका मतलब है कि बीजेपी को विपक्षी खेमे से कम से कम 10 वोटों का समर्थन या क्रॉस वोटिंग सुनिश्चित करनी होगी. यदि कांग्रेस अपने सभी विधायकों को एकजुट रखती है और बीएपी का समर्थन भी उसके साथ रहता है, तो गणितीय रूप से तीसरी सीट कांग्रेस के पक्ष में दिखाई देती है.
क्यों बढ़ी राजनीतिक हलचल?
बीजेपी द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारना साफ संकेत देता है कि पार्टी सिर्फ औपचारिक मुकाबला नहीं चाहती, बल्कि चुनाव को प्रतिस्पर्धी बनाना चाहती है. दूसरी ओर कांग्रेस ने भी सभी विधायकों को नामांकन कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश देकर एकजुटता का संदेश दिया है.
