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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर AIMIM ओवैसी के बयान से सियासत, एनडीए नेताओं ने साधा निशाना


राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ट्रस्ट में कोई मुस्लिम होता तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाता. ओवैसी के इस बयान पर भाजपा सांसद सुजीत कुमार, भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी.

भुवनेश्वर में भाजपा सांसद सुजीत कुमार ने ओवैसी के बयान की आलोचना करते हुए कहा, ‘इसमें हिंदू-मुस्लिम कहां से आ गया, मुझे समझ नहीं आ रहा है. मैं ओवैसी के बयान की कड़ी निंदा करता हूं. उनका यह बयान हास्यास्पद है. भाजपा और सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. जो लोग भी इसमें शामिल हैं, किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा. प्रभु राम हमारे आस्था से जुड़े हुए हैं तो आस्था के साथ जिसने भी खिलवाड़ किया हुआ है, उसको नहीं छोड़ा जाएगा. कानून के अनुसार सभी पर कार्रवाई होगी.’

सुजीत कुमार ने आगे कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और सरकार इसकी तह तक जाएगी. धर्म के नाम पर गलत काम करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. जो लोग पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व और राम मंदिर पर सवाल उठाते थे, वही आज खुद को राम मंदिर और प्रभु श्रीराम का सबसे बड़ा समर्थक बताने की कोशिश कर रहे हैं, जो दोहरे चरित्र को दर्शाता है.

कानपुर में भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि ओवैसी मुस्लिम वोटों की राजनीति कर रहे हैं. इसमें कोई संदेह नहीं कि ओवैसी आज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की जो मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति है, उसके लिए मुस्लिम वोटों की राजनीति कर रहे हैं. देश का पूरा मुस्लिम समाज ओवैसी के साथ है, लेकिन ओवैसी को यह सोचना चाहिए कि इस प्रकार के बयान देने के पहले कि वह अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे जो भू-माफिया थे, जिनका पूरा जनता में दहशत थी, उनके उदाहरण से अगर वह सभी मुस्लिमों को जोड़ेंगे तो मुझे लगता है मुस्लिमों के साथ वह अन्याय करेंगे.

उन्होंने आगे कहा कि ओवैसी को मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में जकात और पैसों से जुड़े विवादों पर भी सवाल उठाने चाहिए. इस पर सवाल क्यों नहीं पूछते हैं? अजमेर शरीफ दरगाह पर क्यों नहीं बोलते हैं? हाजी अली मुंबई पर वो क्यों नहीं बोलते हैं? दरगाह शरीफ बहराइच से लेकर बरेली की मजार और निजामुद्दीन औलिया के दरबार तक पर सवाल पूछना चाहिए इनको. 

हर मस्जिद-दरगाह में आजकल क्यों दो-तीन गुट बने हुए हैं? केवल पैसे के लिए? तमाम जगह यह बात आती है कि जो हमारे मदरसे हैं, मदरसों में भी पैसों के लिए जंग छिड़ी हुई है; दरगाहों में जंग छिड़ी हुई है. ओवैसी को राम मंदिर के विषय पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है.

लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने भी ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले को हिंदू-मुस्लिम के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसमें मुसलमानों का सवाल कहां से आता है? अगर वक्फ बोर्ड में किसी हिंदू को नियुक्त किया जाता तो शायद इसमें किसी मुसलमान के शामिल होने की बात आती. हिंदू-मुसलमान का मुद्दा नहीं उठाना चाहिए. मुझे लगता है कि ऐसे बयान अनुचित हैं.

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

जांच में पता चला है कि जीजा-साले की जोड़ी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा ने सबसे ज्यादा रकम की चोरी की. जांच में दोनों से जुड़ी करीब आधा दर्जन से ज्यादा संपत्तियों की जानकारी पुलिस को मिली है. आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पूरी पड़ताल के लिए अयोध्या पुलिस आयकर विभाग की भी मदद ले रही है. जांच के दौरान SBI के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी पुलिस के शक के दायरे में आई है.

बैंक से मांगे रिकॉर्ड

उधर, अयोध्या पुलिस ने उन सात बैंकों से पिछले पांच साल के बैंकिंग रिकॉर्ड मांगे हैं, जहां गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अकाउंट हैं. पुलिस के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी डॉक्यूमेंट, जमा रिकॉर्ड और अन्य बैंकिंग डिटेल मांगी है, जिससे वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी को दोबारा तैयार किया जा सके और श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेरफेर की जानकारी पता लगाई जा सके.

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चढ़ावा चोरी मामले में कथित चोरी, गबन और हिसाब-किताब में हेराफेरी के आरोप के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कराई. जांच के दौरान कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और कुछ आरोपितों को गिरफ्तार भी किया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई, इसमें कितनी धनराशि प्रभावित हुई और किन-किन लोगों की भूमिका रही.

विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

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