- सरकार एलपीजी विकल्प में एथेनॉल चूल्हे को बढ़ावा दे रही है।
- यह लिक्विड या जेल एथेनॉल पर बिना धुएं जलता है।
- एलपीजी से सस्ता, एक लीटर एथेनॉल 15 घंटे जलता है।
- तेज़ खाना पकाता, पर्यावरण के अनुकूल है, प्रदूषण रहित।
Ethanol Stove: आपकी गाड़ी के बाद अब एथेनॉल आपकी रसोई में दस्तक देने की तैयारी कर रहा है. दरअसल, सरकार LPG के ऑप्शन के तौर पर एथेनॉल का इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहती है. इस बारे में नई पॉलिसी बनाई जा रही है, जिसमें एथेनॉल चूल्हे को बढ़ावा देने समेत कई और प्रावधान किए जा सकते हैं. अगर एथेनॉल चूल्हे की बात करें तो यह जल्द ही आम घरों में नजर आ सकता है. बताया जा रहा है कि यह LPG के मुकाबले काफी सस्ता पड़ेगा. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि एथेनॉल चूल्हा किस टेक्नोलॉजी पर काम करता है और यह LPG के मुकाबले कितना सस्ता पड़ेगा.
क्या होता है एथेनॉल चूल्हा?
जैसा नाम से ही जाहिर है, यह चूल्हा आंच के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करता है. इसमें आप लिक्विड और जेल फॉर्म में से किसी भी तरह के एथेनॉल फ्यूल को यूज कर सकते हैं. इसके काम करने का तरीका कुछ साल पहले तक आने वाले मिट्टी के तेल वाले चूल्हे की तरह होती है. एथेनॉल चूल्हे में एक टैंक लगा होता है, जिसमें आप फ्यूल भर सकते हैं. फिर नॉब की मदद से इसे ऑन-ऑफ किया जा सकता है. ऑन होने के बाद यह LPG की तरह ही एकदम साफ-सुथरे और सुरक्षित तरीके से खाना पका सकता है. LPG की तरह इसमें कोई धुआं नहीं होता. साथ ही यह न तो खाना पकाने वाले बर्तन काले करेगा और न ही इसमें से कोई गंध आएगी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि एथेनॉल स्टोव आ रहा है. इसमें पानी में 7 प्रतिशत एथेनॉल मिलाकर इससे LPG की तरह खाना पकाया जा सकता है.
एथेनॉल चूल्हे के क्या फायदे हैं?
- एथेनॉल चूल्हे से खाना पकाना LPG के मुकाबले सस्ता पड़ता है. कच्चे माल के आधार पर एथेनॉल की कीमत प्रति लीटर 60-70 रुपये के बीच है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एथेनॉल चूल्हा एक लीटर ईंधन से करीब 15 घंटे तक चल सकता है. यानी आप 60-70 रुपये देकर एथेनॉल चूल्हे से 15 घंटे तक खाना पका सकते हैं. अगर इसे प्रति घंटे के हिसाब से देखें तो आप सिर्फ 4-5 रुपये में इसे एक घंटे तक यूज कर सकते हैं.
- एथेनॉल जल्दी खाना पकाने में मदद करता है. एथेनॉल को जलाने पर इसका तापमान 700-800 डिग्री तक पहुंच जाता है, जो खाने को जल्दी पका देता है.
- एथेनॉल को जेल फॉर्म में भी यूज किया जा सकता है. इसलिए इसके लीक होने का डर नहीं रहेगा. यह ईंधन पर्यावरण के हिसाब से भी सुरक्षित माना जाता है और इसे जलाने से प्रदूषण नहीं होता.
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