राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कथित विवादित बयान को लेकर सियासत गरमा गई है. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लेकर दिए गए कथित ‘गुंडे’ वाले बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया और मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई. कांग्रेस नेता शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं को ‘गुंडे’ कहना बेहद आपत्तिजनक है. पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और युवाओं का इस तरह अपमान करना शिक्षा मंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता. इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने मंत्री से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग की.
आवास घेरने निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
पूर्व उपमहापौर पवन मीणा और कांग्रेस कार्यकर्ता चेतन सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ता एलआईसी बिल्डिंग, वीर सावरकर मार्ग से शिक्षा मंत्री के आवास की ओर कूच कर रहे थे. सूचना मिलते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और प्रदर्शनकारियों को मंत्री के आवास तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया. कुछ देर तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस और नारेबाजी का माहौल बना रहा.
गुलाब का फूल देकर जताना चाहते थे विरोध
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शिक्षा मंत्री को प्रतीकात्मक रूप से गुलाब का फूल देकर यह संदेश देना चाहते थे कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए. हालांकि पुलिस की रोक के कारण वे मंत्री के आवास तक नहीं पहुंच सके और उनका यह कार्यक्रम अधूरा रह गया.
बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो” के नारे लगाए और कहा कि यदि मंत्री अपने कथित बयान पर स्पष्टीकरण नहीं देते या इस्तीफा नहीं देते हैं तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन तेज करेगी. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है. फिलहाल इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है.
