NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ बिहार में हुए प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार छात्रों को बड़ी राहत मिली है. छात्र नेता शांतनु कुमार समेत कई छात्रों को पटना की बेउर जेल से रिहा कर दिया गया. कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार (29 जुलाई, 2026) को इन छात्रों को जेल से बाहर निकाला गया, जहां साथी छात्रों और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया.
इससे पहले राज्य सरकार ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले सभी छात्रों के केस वापस लेने का फैसला किया था. शर्त सिर्फ यह थी कि प्रदर्शन 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले हुए हों. इस फैसले से जेल में बंद सभी प्रदर्शनकारियों को रिहाई की राहत मिल गई है.
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विरोध-प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए थे छात्र
छात्रों को मूल रूप से NEET पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. रिहाई के बाद छात्रों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि अब न्याय की जीत हुई है.
केंद्र सरकार का सख्त कदम
इस बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक महत्वपूर्ण बिल पेश किया है, जिसमें पेपर लीक मामलों में सख्त सजा और समयबद्ध जांच का प्रावधान किया गया है. यह बिल परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लाया गया है.
छात्र नेता शांतनु कुमार की रिहाई के बाद RJD और अन्य छात्र संगठनों ने इसे अपनी जीत बताया है. इस मामले ने पूरे बिहार में काफी चर्चा बटोरी थी और छात्रों के आंदोलन ने राज्य सरकार पर दबाव बनाया था. रिहा हुए छात्रों ने कहा कि वे अब NEET परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे.
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