राजस्थान-गुजरात बॉर्डर के नजदीक शराब की कथित अवैध आवाजाही को लेकर सिरोही जिले में एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. आबूरोड़ सदर थाना क्षेत्र के चनार से दाबेला रोड पर स्थित एक शराब गोदाम को लेकर सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं. वीडियो में शराब की खेप से जुड़ी गतिविधियां कैद होने का दावा किया जा रहा है. हालांकि, इन वीडियो और तस्वीरों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
बॉर्डर से कुछ दूरी पर गोदाम की अनुमति कैसे?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि गुजरात बॉर्डर से महज कुछ दूरी पर स्थित क्षेत्र में शराब के गोदाम को अनुमति किस प्रक्रिया के तहत दी गई. स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि कहीं यह गोदाम गुजरात में शराब पहुंचाने के कथित नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है.
सामने आए वीडियो और तस्वीरों में शराब से भरे बैंग व दुपहिया वाहन और शराब की खेप से जुड़ी गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया जा रहा है. तस्वीरों में लटके हुए बैग और शराब की आवाजाही से जुड़े दृश्य भी चर्चा का विषय बने हुए हैं. इन्हीं तस्वीरों के आधार पर स्थानीय स्तर पर शराब तस्करी के कथित नेटवर्क की जांच की मांग तेज हो गई है.
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पुलिस ने कहा- शिकायत सही मिली तो होगी कार्रवाई
मामले को लेकर कुछ लोगों की ओर से मिलीभगत और कथित ‘मासिक बंधी’ जैसे गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं. हालांकि, ऐसे आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब की आवाजाही नियमों के तहत हो रही थी या इसके पीछे कोई अवैध नेटवर्क सक्रिय सक्रिय है, इसकी जांच उच्च स्तर से होनी बेहद आवश्यक है.
मामले को लेकर आबूरोड़ सदर थानाधिकारी प्रदीप डांगा ने कहा कि यदि मामला वास्तव में ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी. वहीं, माउंट आबू डीएसपी बृजेश कुमार ने मामले को दिखवाने की बात कही है. अब सवाल यह है कि सामने आए वीडियो और तस्वीरों के आधार पर पुलिस और आबकारी विभाग कब जांच शुरू करता है.
गोदाम की अनुमति, संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी
बॉर्डर क्षेत्र में शराब की अवैध आवाजाही रोकना पुलिस और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है. ऐसे में गोदाम की अनुमति, उसकी लोकेशन, शराब के स्टॉक, वाहनों की आवाजाही और संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी मानी जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जाना जरूरी है कि शराब की खेप कहां से आ रही थी और कहां भेजी जा रही थी.
फिलहाल मामला आरोपों और सामने आए वीडियो तक सीमित है. अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करते हैं या कार्रवाई महज खानापूर्ति तक सीमित रहती है. यदि वीडियो और तस्वीरों में किए जा रहे दावे सही पाए जाते हैं तो बॉर्डर क्षेत्र में शराब की कथित तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की जरूरत होगी.
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