वाराणसी के चर्चित दालमंडी बाजार की तस्वीर अब बदलने वाली है. रविवार को यहां भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. दालमंडी की संकरी गलियों को चौड़ा कर काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम रास्ता तैयार किया जाना प्रस्तावित है. इस प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही रख चुके हैं. अब भूमि पूजन के बाद बाकी काम को तेजी से पूरा करने की तैयारी है.
दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण की योजना को लेकर पिछले कई महीनों से विवाद भी रहा है. प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित 180 से ज्यादा मकानों और एक मस्जिद को हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया था. लोगों का कहना था कि मकान और दुकानें टूटने से उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा.
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वहीं, प्रशासन की ओर से कहा गया कि संपत्तियों का अधिग्रहण नियमानुसार किया गया है और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया गया है. दालमंडी मुस्लिम बहुल इलाका होने के कारण भी यह मामला काफी चर्चा में रहा.
650 मीटर लंबी और 17.4 मीटर चौड़ी होगी सड़क
प्रस्तावित सड़क करीब 650 मीटर लंबी होगी, जबकि इसकी चौड़ाई 17.4 मीटर रखी गई है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 221 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसका मकसद दालमंडी की संकरी गलियों को चौड़ा करने के साथ इलाके का विकास और सौंदर्यीकरण करना है.
रविवार को हुए भूमि पूजन कार्यक्रम में स्थानीय विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान हर-हर महादेव के जयकारे भी लगाए गए.
काशी विश्वनाथ जाने वालों को मिलेगी राहत
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दालमंडी की गलियों की जगह चौड़ी सड़कें नजर आएंगी. इससे काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने वाले लोगों को आने-जाने में आसानी होने की उम्मीद है. प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद इलाके की तस्वीर काफी बदल जाएगी और यहां यातायात व्यवस्था भी पहले के मुकाबले बेहतर हो सकेगी.
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