देश के बड़े और नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का सपना देखने वाले छात्रों और उनके परिजनों को अपना शिकार बनाने वाले एक बेहद शातिर और हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. मुंबई की पवई पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले इस गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी उच्च शिक्षित हैं और इनमें से 5 तो खुद बीटेक (B.Tech) इंजीनियर हैं. पुलिस ने इनके पास से 1 करोड़ रुपये से अधिक का इलेक्ट्रॉनिक और लग्जरी सामान भी बरामद किया है.
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए डीसीपी दत्ता नलावडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पवई पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई थी. जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) पर आकर्षक विज्ञापन देते थे और देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में एनआरआई (NRI) या मैनेजमेंट कोटे से पक्का एडमिशन दिलाने का झांसा देते थे.
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को पता चला कि यह पूरा नेक्सस (नेटवर्क) पुणे से संचालित हो रहा था. गिरोह ने पुणे में दो बकायदा कॉल सेंटर खोल रखे थे. सूचना पक्की होने पर पवई पुलिस ने पुणे के दोनों कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की और वहां से 10 आरोपियों को धर दबोचा.
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पीड़ितों को हैदराबाद और दिल्ली ले जाकर देते थे चकमा
पुलिस के मुताबिक, ये जालसाज दिल्ली, हैदराबाद और देश के अन्य बड़े शहरों में स्थित संस्थानों में एडमिशन का दावा करते थे. विश्वास जीतने के लिए ये ठग पीड़ितों को फ्लाइट से संबंधित शहरों में ले जाते थे. एक मामले में ये एक पीड़ित को एडमिशन प्रक्रिया के नाम पर हैदराबाद ले गए थे और वहां फर्जी तरीके से कागजी कार्रवाई कर उसे भरोसा दिलाया था कि उसका एडमिशन हो गया है. यह गिरोह साल 2024 से लगातार इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था.
मास्टरमाइंड बिहार का, लग्जरी गाड़ियां बरामद
गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में चार बिहार से, चार उत्तर प्रदेश से, एक झारखंड और एक हरियाणा का रहने वाला है. ज्यादातर आरोपियों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है. इस पूरे गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड (सरगना) बिहार का रहने वाला 35 वर्षीय सोनू कुमार है.
पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 मोबाइल फोन, कई लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं. इसके अलावा इनकी ठगी की कमाई से खरीदी गई जगुआर (Jaguar), बीएमडब्ल्यू (BMW) और मारुति सुजुकी एस-क्रॉस (S-Cross) जैसी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं. इनमें से कुछ वाहन आरोपियों के दोस्तों के नाम पर रजिस्टर्ड पाए गए हैं. पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने छात्रों को अपना शिकार बनाया है और उन्होंने ठगी की कुल कितनी रकम जमा की है.
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