दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है. दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि जनवरी से जुलाई 2026 के बीच राजधानी में 2,011 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान 106 इकाइयां पर्यावरणीय मानकों का पालन करती नहीं मिलीं. सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ जुर्माने से लेकर बंद करने तक की कार्रवाई की है.
मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि जनवरी से जुलाई के बीच औद्योगिक इकाइयों की जांच की गई. इस दौरान कई जगह पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी सामने आई. कुल 2,011 इकाइयों के निरीक्षण में 106 इकाइयां निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन करती नहीं पाई गईं. मंत्री के मुताबिक, जांच के बाद नियम तोड़ने वाली इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई.
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33 इकाइयों को बंद करने के आदेश
प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की गई है. सिरसा ने बताया कि 44 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है, जबकि 33 गैर-अनुपालन वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं.
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, उनमें भी संबंधित पर्यावरणीय कानूनों और नियमों के तहत कदम उठाए जा रहे हैं.
निरीक्षण के दौरान सिर्फ पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन ही नहीं मिला, बल्कि कई इकाइयां जरूरी अनुमति के बिना भी संचालित होती पाई गईं. सिरसा के मुताबिक, 78 औद्योगिक इकाइयां दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से वैध संचालन की सहमति के बिना चल रही थीं. सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रदूषण के स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और राजधानी में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करना है.
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पर्यावरणीय नियमों का पालन करने वाले उद्योगों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा. हालांकि, नियमों की अनदेखी करने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी.
उन्होंने साफ कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. सिरसा ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रदूषण के स्रोत पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है.”
सड़क की धूल और कचरा जलाने पर भी नजर
सरकार की प्रदूषण नियंत्रण मुहिम सिर्फ औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं है. मंत्री के मुताबिक, सड़क की धूल, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियां, खुले में कचरा जलाने और दूसरी प्रदूषणकारी गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है.
उन्होंने बताया कि औद्योगिक उत्सर्जन की नियमित और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है. इसका मकसद प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों का समय पर पता लगाना और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करना है.
मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, “दिल्ली में खुलेआम कंस्ट्रक्शन नहीं चल सकती, पॉल्यूशन फैलाने वाली इंडस्ट्रीज नहीं चल सकतीं. कृपया आप खुद ही ठीक करें, ताकि हमें कार्रवाई न करनी पड़े.” उन्होंने आगे कहा, “आपकी इंडस्ट्री भी सील हो जाएगी और आपका मीटर भी उतर जाएगा.”
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दिल्लीवासियों से शिकायत करने की अपील
मंत्री ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. इसमें दिल्ली के लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कहीं औद्योगिक प्रदूषण, खुले में कचरा या अन्य सामग्री जलाने, धूल प्रदूषण, अवैध तरीके से कचरा डालने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत सरकार तक पहुंचाएं.
सरकार का कहना है कि प्रदूषण के सभी प्रमुख स्रोतों पर निगरानी बढ़ाकर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी जाएगी, ताकि दिल्ली की हवा को साफ रखने की कोशिशों को और मजबूत किया जा सके.
