बिजनौर की नूरपुर सीट की विधानसभा संख्या 24 है. नूरपुर शहीदों की धरती है, आज़ादी के आंदोलन में यहाँ के युवकों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था और देश की आजादी के लिए अपने प्राण भी न्यौछावर कर दिया था. नूरपुर थाने में उन युवकों की याद में शहीद स्थल भी बना हुआ है. नूरपुर एक जमाने में मुरादाबाद का हिस्सा हुआ करता था. नूरपुर बिजनौर जिले और नगीना लोकसभा सीट का हिस्सा है. नूरपुर को भी गन्ना बेल्ट माना जाता है.
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में नूरपुर से समाजवादी पार्टी के राम अवतार सैनी विधायक बने. बीजेपी ने चंद्रप्रकाश सिंह को टिकट दिया, बीएसपी ने जियाउद्दीन और कांग्रेस ने बाला को टिकट दिया. नूरपुर मुस्लिम और एससी बाहुल्य विधानसभा सीट है लेकिन ओबीसी में सैनी और सामान्य वर्ग में क्षत्रिय वोट भी बड़ी संख्या में हैं, जो विधानसभा चुनाव में हार जीत तय करते हैं.
नूरपुर में SIR से बदला सियासी समीकरण!
2026 में एसआईआर के बाद नूरपुर विधानसभा सीट पर 3,04,770 मतदाता बचे हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में नूरपुर विधानसभा में 3,26,865 मतदाता थे. 2026 में एसआईआर के बाद नूरपुर विधानसभा सीट पर 22,095 वोट कम हुए.
2022 विधानसभा चुनाव के नतीजों का विशाल विश्लेषण करते हैं-
1. सपा- 92,574
2. बीजेपी- 86,509
3. बसपा- 31,300
4. नोटा- 946
5. कांग्रेस- 888
2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने 6,065 वोटों से जीत दर्ज की. सपा के रामअवतार सैनी ने बीजेपी के चंद्रप्रकाश सिंह को चुनाव हरा दिया. सपा को 43.27 और बीजेपी को 40.43 प्रतिशत वोट मिले. बीजेपी और सपा के बीच 2.84 प्रतिशत वोटों का अंतर रहा. बीएसपी को लगभग 31 हज़ार वोट हासिल हुए. नूरपुर की जनता से कांग्रेस के हाथ से ज़्यादा प्राथमिकता नोटा बटन को दिया. कांग्रेस से 58 वोट ज़्यादा तो नोटा को मिल गए.
2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को मुस्लिम, सैनी और यादव समाज का वोट मिला. बीजेपी को क्षत्रिय, जाट, गुर्जर, त्यागी समेत सामान्य और पिछड़े समाज का वोट मिला. बीजेपी को एससी वर्ग का भी वोट मिला. बीएसपी को एससी समाज का ही वोट मिल पाया. सपा को आरएलडी गठबंधन का कोई सीधा लाभ नहीं दिखा. बीजेपी ने लगभग लगभग जाटों के वोट हासिल कर लिए थे.
इस विधानसभा चुनाव के बाद सपा और आरएलडी की राहें अलग हो गईं. बीजेपी और आरएलडी साथ आ गए. सपा और कांग्रेस ने भी हाथ मिला लिया. नगीना लोकसभा सीट से आसपा से चंद्रशेखर आज़ाद चुनाव लड़ गए.
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2024 के लोकसभा चुनाव में नूरपुर विधानसभा सीट पर किस पार्टी को कितने वोट मिले-
1. आसपा- 1,02,691
2. बीजेपी- 75,728
3. सपा- 13,210
4. बसपा- 1,915
नगीना लोकसभा एससी वर्ग के लिए आरक्षित है. 2024 में सभी दलों ने नगीना में एससी समाज के प्रत्याशी को चुनाव लड़ाया. 2024 में इसी नगीना की नूरपुर विधानसभा सीट पर आज़ाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर की 26,963 वोटों से जीत हुई. सपा का मुस्लिम और बसपा का एससी वोट आसपा की तरफ चला गया. इसीलिए सपा और बसपा के वोटों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज हुई. आसपा को एससी, मुस्लिम और कुछ ओबीसी का वोट गया. बीजेपी के पास सामान्य और ओबीसी वर्ग का वोट आया. बीजेपी को इस सीट पर एससी समाज का भी कुछ वोट मिला है. लेकिन सैनी वोट का नुकसान हुआ.
इसके बावजूद भी 2027 के विधानसभा चुनाव में मुख्य लड़ाई बीजेपी गठबंधन और सपा गठबंधन के बीच होगी. लेकिन बीएसपी और सपा के वोट बैंक पर आज़ाद समाज पार्टी की नज़रें ज़रूर होंगी.
नूरपुर विधानसभा के सामाजिक समीकरण (अनुमानित)
1. मुस्लिम- 1.15 लाख
2. एससी- 48 हज़ार
3. क्षत्रिय- 40 हज़ार
4. सैनी- 25 हज़ार
5. जाट- 15 हज़ार
6. कश्यप- 9 हज़ार
7. त्यागी- 8 हज़ार
8. प्रजापति- 8 हज़ार
9. पाल- 8 हज़ार
10. यादव- 7 हज़ार
11. ब्राह्मण- 5 हज़ार
12. नाई- 5 हज़ार
13. गुर्जर- 3 हज़ार
नूरपुर विधानसभा सीट पर मुस्लिम, एससी, क्षत्रिय और सैनी वोट सबसे निर्णायक हैं. इसके अलावा ओबीसी और सामान्य वर्ग की अन्य जातियों का वोट भी किसी दल के हार जीत की दशा और दिशा तय करता है.
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