Headlines

आपके PF पर है कंपनियों की नजर! क्या EPFO डेटा देख सकती हैं, सरकारी नियम जानिए


जिस PF अकाउंट में आपकी सालों की कमाई जुड़ती है, क्या उसकी जानकारी किसी प्राइवेट कंपनी तक भी पहुंच सकती है. इस सवाल ने इन दिनों परेशानी ज्यादा कर दी है. सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका के दौरान EPFO, UAN और इनकम टैक्स से जुड़ी प्राइवेट जानकारी के गलत इस्तेमाल का मामला सामने आया. आरोप है कि कुछ प्राइवेट कंपनियां ऐसी जानकारी को हासिल कर पैसा कमाने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं. लेकिन, अभी ये साबित नहीं हुआ है कि कंपनियां लोगों का PF या ITR डेटा खुले तौर पर देख रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूरे मामले की जांच कर जरूरी सेफ्टी कदम उठाने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट कंपनियों के जरिए प्राइवेट जानकारी के गलत इस्तेमाल पर परेशानी जताई है. कोर्ट ने केंद्र और इसे जुड़े अधिकारियों से शिकायत करने वाले से इस पर विचार करने और डेटा के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है. इसके लिए करीब 4 महीने में फैसला लेने की बात कही गई है.

लेकिन, कोर्ट ने ये नहीं कहा है कि प्राइवेट कंपनियां किसी भी व्यक्ति का ITR या EPFO रिकॉर्ड आसानी से देख सकती हैं. साथ ही, कोर्ट ने किसी खास कंपनी को डेटा चोरी का जिम्मेदार भी नहीं ठहराया है. मामला अभी इन आरोपों की जांच और सेफ्टी से जुड़े इंतजाम का है.

यह भी पढ़े : बिल्डिंग में क्यों नहीं होती है 13वीं मंजिल? वजह कर देगी हैरान

किस डेटा को लेकर उठे सवाल

मामले में EPFO पासबुक, UAN से जुड़ी नौकरी की जानकारी और PAN से जुड़े टैक्स रिकॉर्ड का जिक्र हुआ है. ITR, फॉर्म और एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट में किसी व्यक्ति की कमाई और पैसे से जुड़े लेनदेन से जुड़ी जानकारी हो सकती है. वहीं, UAN अलग अलग नौकरियों से जुड़े PF अकाउंट को जोड़ता है, इसलिए इससे रोजगार की जानकारी भी जुड़ सकती है.

सिर्फ किसी व्यक्ति का PAN या UAN पता होने से प्राइवेट कंपनी को उसके पूरे ITR, PF रिकॉर्ड या नौकरी के पूरे जानकारी का अधिकार नहीं मिल जाता. सरकारी डेटाबेस में डेटा देखने और पहचान सही होने के लिए अलग अलग तरीका होता है. सुप्रीम कोर्ट का सवाल यही है कि कहीं किसी तकनीकी सिस्टम या दूसरे तरीके से प्राइवेट जानकारी का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा.

अब आगे क्या होगा

अब सरकार और इस मामले से जुड़े विभाग इन आरोपों की जांच करेंगे कि प्राइवेट कंपनी इस तरह का डेटा कैसे हासिल कर रही हैं और मौजूदा सेफ्टी काफी है या नहीं. इसलिए फिलहाल ये कहना सही नहीं होगा कि प्राइवेट कंपनियां सभी लोगों का ITR या EPFO डेटा खुलकर देख सकती हैं.

यह भी पढ़े: ‘फ्लैट भले ही आपका हो, लेकिन…’ सोसायटी के झगड़ों पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *