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जब मनीषा कोइराला के ज्यादा शॉट्स देख अनिल कपूर हो गए थे इनसिक्योर, मेकर्स से कही थी ये बात


अनिल कपूर की गिनती बॉलीवुड के उन पॉपुलर एक्टर्स में होती है, जिन्होंने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं. उनकी फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ भी इन्हीं फिल्मों में से एक है. फिल्म की कहानी और गानों को आज भी लोग पसंद करते हैं. खासतौर पर इसका गाना ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ आज भी काफी पॉपुलर है. हालांकि, इस गाने की शूटिंग के दौरान अनिल कपूर को लगा कि उन्हें स्क्रीन पर ज्यादा जगह नहीं मिल रही है. हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने उस वक्त का किस्सा शेयर किया और बताया कि इसे लेकर वो थोड़ा परेशान और इनसिक्योर हो गए थे.

‘मुझे इनसिक्योरिटी होने लगी थी’
वैरायटी इंडिया से बातचीत में अनिल कपूर ने बताया कि जब ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ गाने की शूटिंग शुरू हुई, तो उन्होंने नोटिस किया कि ज्यादातर शॉट्स मनीषा कोइराला के लिए लिए जा रहे थे. जबकि गाना उनके किरदार नरेंद्र की तरफ से अपनी गर्लफ्रेंड की तारीफ में था. 

अनिल कपूर ने कहा, ‘हम ‘एक लड़की को देखा’ गाने की शूटिंग कर रहे थे. ये कुमार सानू की आवाज में एक शानदार गाना है. जब इसकी शूटिंग शुरू हुई तो मैंने देखा कि वो मेरे शॉट्स ही नहीं ले रहे हैं. मेरा किरदार नरेंद्र ये गाना गा रहा था, लेकिन वो मेरे शॉट्स नहीं ले रहे थे. कुछ समय बाद मुझे इनसिक्योरिटी होने लगी.’

मनीषा कोइराला पर ही क्यों था पूरा फोकस?
इसके बाद अनिल कपूर फिल्म के निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा, संजय लीला भंसाली और कोरियोग्राफर फराह खान के पास गए और अपनी बात रखी. अनिल ने कहा, ‘मैं विनोद, संजय और फराह के पास गया और कहा, “गाना मेरा है! मैं अपनी गर्लफ्रेंड की तारीफ कर रहा हूं, लेकिन आप लोग मेरे शॉट्स ही नहीं ले रहे हैं.” मनीषा उस गाने में बहुत खूबसूरत थीं और आज भी हैं. वो फिल्म की इमोशनल थ्रेड थीं. ये एक लव स्टोरी थी, इसलिए लड़की का खूबसूरत दिखना जरूरी था.’ 

जब मनीषा कोइराला के ज्यादा शॉट्स देख अनिल कपूर हो गए थे इनसिक्योर, मेकर्स से कही थी ये बात

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मेरे साथ लीड एक्ट्रेस जैसा बर्ताव हुआ
अनिल कपूर ने गाने की शूटिंग के तरीके के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मेरे शॉट्स बहुत कम थे. ऐसा लग रहा था जैसे मेरे साथ लीड एक्ट्रेस जैसा और मनीषा के साथ लीड एक्टर जैसा बर्ताव हो रहा है.’ इसी बातचीत में अनिल कपूर ने बताया कि वो शुरुआत में ‘1942: ए लव स्टोरी’ करने को लेकर एक्साइटेड नहीं थे. उन्होंने कहा, ‘मुझे बस ऐसा लगता था कि इस किरदार के लिए एक युवा एक्टर होना चाहिए. लेकिन वीर और विनोद को लगता था कि मुझे ही ये रोल करना चाहिए.’

गानों ने बदल दिया अनिल कपूर का फैसला
अनिल कपूर ने बताया कि उनके किरदार के लिए आमिर खान और बॉबी देओल के नाम पर भी चर्चा हुई थी. उस वक्त आमिर खान रोमांटिक हीरो के तौर पर अपनी पहचान बना चुके थे, वहीं बॉबी देओल ने अभी बॉलीवुड में कदम भी नहीं रखा था. अनिल कपूर ने बताया कि फिल्म के कुछ गाने पहले ही रिकॉर्ड हो चुके थे. जब उन्होंने ये गाने सुने तो उनका नजरिया बदलने लगा. उन्होंने कहा, ‘कुछ गाने रिकॉर्ड हो चुके थे. जब मैंने उन्हें सुना, तो मैंने कहा कि इन गानों पर सिर्फ मैं ही लिप-सिंक करूंगा, कोई और नहीं.’

1994 में रिलीज हुई थी ‘1942: ए लव स्टोरी’
अनिल ने आगे कहा, ‘विनोद और मैं हमेशा कहते हैं कि हमें ऐसी फिल्में करनी चाहिए, जिन्हें देखकर हमारे पोते हम पर हंसें नहीं. इसलिए फिल्म का म्यूजिक मेरे लिए टर्निंग पॉइंट था. मैं विनोद का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे यकीन दिलाया कि इस किरदार को सिर्फ मैं ही निभा सकता हूं.’ बता दें कि साल 1994 में रिलीज हुई ‘1942: ए लव स्टोरी’ में अनिल कपूर और मनीषा कोइराला की जोड़ी नजर आई थी. फिल्म के गाने आज भी लोगों के बीच काफी हिट हैं. 

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