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सपा के बागी अभय सिंह को मिली बड़ी राहत, धनंजय सिंह से जुड़े 24 साल पुराने मामले में हुए बरी


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  • वाराणसी की विशेष अदालत ने छह आरोपियों को बरी किया.
  • 2002 हमले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बचाया गया.
  • संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने फैसला सुनाया.
  • आरोपी विधायक अभय सिंह और एमएलसी विनीत सिंह बरी.

वाराणसी की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर 2002 में वाराणसी के नदेसर क्षेत्र में हुए हमले के मामले में अयोध्या के गोसाईंगंज के विधायक अभय सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य विनीत सिंह समेत सभी छह आरोपियों को बुधवार को बरी कर दिया.

विधायक अभय सिंह के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह ने  बताया कि विशेष सांसद-विधायक अदालत के न्यायाधीश यजुर्वेद विक्रम सिंह ने संदेह का लाभ देते हुए विधायक अभय सिंह, विधान परिषद सदस्य श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह तथा अन्य आरोपियों– संजय सिंह रघुवंशी, सतेंद्र उर्फ बबलू सिंह, संदीप सिंह उर्फ पप्पू और विनोद सिंह को दोषमुक्त करार दिया.

अभय सिंह के खिलाफ क्या था मामला?

सिंह के मुताबिक अभियोजन पक्ष का आरोप था कि चार अक्टूबर 2002 को जौनपुर के पूर्व सांसद तथा तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ शाम को वाराणसी से वापस जौनपुर लौट रहे थे, तभी नदेसर क्षेत्र में टकसाल सिनेमा हाल के पास पहले से मौजूद अभय सिंह अपने साथियों के साथ कार से उतरे और जान से मारने की नीयत से धनंजय सिंह पर अंधाधुंध गोलियां चलायीं.

सिंह ने बताया कि अभियोजन पक्ष का कहना था कि इस मामले में धनंजय सिंह के ‘गनर’ ने आत्मरक्षा में गोली चलायी थी, तभी पुलिस आ जाने पर अभय सिंह और उनके साथी भाग गए.

अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि इस हमले में तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह, उनके सुरक्षाकर्मी वासुदेव पाण्डेय, वाहन चालक दिनेश कुमार गुप्ता सहित कई लोग घायल हो गए थे.

धनंजय सिंह ने दर्ज कराया था केस

सिंह ने बताया कि इस मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह एवं अन्य के खिलाफ कैंट थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने इस मामले में अभय सिंह, संजय सिंह, सतेंद्र सिंह उर्फ बबलू, संदीप सिंह उर्फ पप्पू, विनोद सिंह तथा विनीत सिंह के खिलाफ 14 दिसंबर 2002 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था.

इस बीच, अभय सिंह ने अदालत के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से आरोपित किया गया था. उन्होंने कहा कि अब उन्हें अदालत ने न्याय मिल गया है, जिसके वह शुक्रगुजार हैं.

विनीत सिंह ने कहा कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं था, इसीलिये अदालत ने उन्हें बरी कर दिया है.



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