आरक्षण पर बिहार में जुबानी जंग तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) का इस्तीफा मांगा है. उन्होंने कहा है कि क्रीमी लेयर की बात है तो पहले जीतन राम मांझी को इस्तीफा देना चाहिए. क्रीमी लेयर का कॉन्सेप्ट ले आएं. उनके बेटे (संतोष सुमन) को भी इस्तीफा देना चाहिए. इस पर अब जीतन राम मांझी ने प्रतिक्रिया दी है.
शनिवार (29 अगस्त, 2026) को चिराग पासवान के बयान के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, “वो (चिराग पासवान) गरीब लोगों को देखना नहीं चाहते हैं… इसलिए उनको इस्तीफा देना चाहिए.”
जो भी होगा हम सब लोग लड़ेंगे: मांझी
दरअसल मांझी से सवाल किया गया था कि चिराग पासवान ने आपसे इस्तीफा मांगा है. इसी पर मांझी ने उक्त बयान दिया. उन्होंने कहा, “उनको इस्तीफा देना चाहिए. वो नहीं समझ रहे हैं कि संतोष क्या कह रहे हैं, इसलिए वो ऐसा कह रहे हैं. हम कह रहे हैं कि संतोष सुमन ने कोई नई बात नहीं कही है. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) का एक सिद्धांत है जिसके तहत उसने कहा है. उसको लेकर चल रहा है. जो भी होगा हम सब लोग लड़ेंगे.”
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जीतन राम मांझी ने उठाए कई सवाल
मीडिया से बातचीत में जीतन राम मांझी ने कई सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “बिहार में 22 जातियां हैं, इनमें से चार जातियों को छोड़कर बाकी सारे हाशिए पर हैं. मेरे कहने का मतलब है कि जब तक वर्गीकृत नहीं किया जाएगा तब तक नीचे वाले लोग जो 80 वर्ष गुजार चुके हैं… अब कितने वर्ष गुजारेंगे? मैं आरक्षण तोड़ने की बात नहीं कह रहा हूं… आरक्षण हटाने की बात हम लोग नहीं करते हैं…”
मांझी ने कहा, “संतोष सुमन जो हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं उन्होंने कहा है कि आरक्षण रहेगा, लेकिन आरक्षण में भी हमको अलग से आरक्षण दीजिए. कोटा दीजिए. ‘जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’, यही कॉन्सेप्ट है. हमारी जनसंख्या ज्यादा है तो कम जनसंख्या वालों को ज्यादा लाभ क्यों दिया जा रहा है?”
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