देश की राजधानी दिल्ली में इस महीने BRICS शिखर सम्मेलन होना है और इसको लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. यह 12 से 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा. 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन को देखते हुए दिल्ली और हरियाणा दोनों इलाकों की पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस बड़े आयोजन के दौरान दिल्ली की सीमाओं पर किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा. इसी सिलसिले में सोमवार (31 अगस्त) को दिल्ली और हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की अहम इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन बैठक हुई.
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बॉर्डर पर बढ़ेगी निगरानी और चेकिंग
दिल्ली पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जॉइंट सीपी (नॉर्दर्न रेंज) और सीपी, सोनीपत की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस बैठक में दिल्ली के उत्तरी रेंज और सोनीपत से जुड़े सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए. बैठक में समिट के दौरान दिल्ली में प्रवेश करने वाले रास्तों पर निगरानी और चेकिंग को और बढ़ाने पर जोर दिया गया. इसी के मद्देनजर दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर बॉर्डर पर जॉइंट चेकिंग अभियान चलाएगी.
अपराधियों का रिकॉर्ड होगा साझा
बैठक में अंतरराज्यीय अपराध पर लगाम लगाने को लेकर भी खास चर्चा की गई. दिल्ली या हरियाणा में सक्रिय अपराधियों, बदमाशों और असामाजिक तत्वों से जुड़ी जानकारी दोनों पुलिस विभागों को दी गई. इसके जरिे पुलिस का मकसद ऐसे लोगों की आवाजाही पर नजर रखना और किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोकना है.
लंबित वारंट पर भी होगी तेजी
पुलिस ने लंबित वारंटों की तामील और संदिग्ध लोगों के वेरिफिकेशन में तेजी लाने का फैसला किया है. ऐसे में दोनों राज्यों की पुलिस अपने-अपने इलाकों में ऐसे लोगों की पहचान और सत्यापन करेगी, जिनकी गतिविधियां सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती हैं.
साइबर अपराधियों पर भी शिकंजा
समिट के दौरान केवल सड़क और बॉर्डर की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि साइबर क्राइम पर भी विशेष नजर रखी जाएगी. साइबर अपराध से जुड़े मामलों में दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीमें आपस में बेहतर तालमेल के साथ काम करेंगी. किसी एक राज्य से जुड़े साइबर अपराध का कनेक्शन दूसरे राज्य में मिलने पर जानकारी तुरंत साझा की जाएगी.
खुफिया इनपुट मिलते ही होगा एक्शन
बैठक में सुरक्षा से जुड़े इनपुट को तेजी से साझा करने के लिए मजबूत कम्युनिकेशन सिस्टम पर भी जोर दिया गया. अधिकारियों के मुताबिक किसी संदिग्ध गतिविधि, अपराधी की आवाजाही या सुरक्षा से जुड़े इनपुट की जानकारी मिलने पर उसे संबंधित टीम तक तुरंत पहुंचाया जाएगा, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
जिला और सब-डिविजन स्तर पर भी बढ़ेगा तालमेल
इसके अलावा पुलिस अधिकारियों ने BRICS समिट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जिला और सब-डिविजन स्तर पर भी लगातार कोऑर्डिनेशन मीटिंग करेगी. इससे बॉर्डर से लेकर स्थानीय स्तर तक दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बना रहेगा और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक-दूसरे की मदद कर सकेंगी.
दिल्ली की सीमाओं पर रहेगी खास नजर
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रमुख बॉर्डर मार्गों पर सुरक्षा को बढ़ाया जाएगा. इस दौरान पुलिस का फोकस संदिग्ध वाहनों, अपराधियों की आवाजाही और किसी भी असामान्य गतिविधि पर रहेगी. BRICS समिट के दौरान दिल्ली की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने अभी से आपसी तालमेल मजबूत करना शुरू कर दिया है.
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