श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया सीईओ नियुक्त किया है. इस पर अब बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह काम पहले ही हो जाना चाहिए था, क्योंकि जवाबदेही और जिम्मेदारी बहुत जरूरी है. संत दूसरे काम तो कर सकते हैं, लेकिन हिसाब-किताब रखना हर किसी के बस की बात नहीं है, इसीलिए उन पर देख-रेख और निगरानी होनी चाहिए.
अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद से मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव के संकेत दिए जा रहे थे. इसी क्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार (02 सितंबर) को हुई अहम बैठक में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया. भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को सीईओ नियुक्त किया गया.
बैठक में मंथन के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर
अयोध्या स्थित राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को आयोजित बैठक में 5,585 आवेदनों में से चयनित किए गए तीन उम्मीदवारों में से जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी. राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच नए सीईओ के सामने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और बेहतर बनाने की चुनौती होगी.
मंदिर मैनेजमेंट, सिक्योरिटी, कर्मचारी व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ख्याल, अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के बीच को-ऑर्डिनेशन उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा. राम मंदिर में दान के कथित गड़बड़ी के मामले के बाद ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की निगरानी बढ़ाए जाने को लेकर सीईओ का पद सृजित किया गया था.
गोविंददेव गिरि को भी बड़ी जिम्मेदारी
इसके साथ ही स्वामी गोविंददेव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके साथ ही न्यास में खाली तीन पदों पर महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव को नया न्यासी नियुक्त किया गया है.
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