पीएम मोदी ने भाषण के अंत में कहा, ‘कुछ लोगों को लग सकता है, 140 करोड़ का देश था, बहुत आसान था. लेकिन क्या ये इतना आसान था. 2013 में केदारनाथ में आपदा आई थी, पूरी सरकार हिल गई थी. 2008 में बैंकिग में परेशानी आई थी, वो पीछे हो गए थे 2008 में आतंकी हमला हुआ था, तब की सरकार ने पाकिस्तान को सबक तक नहीं सिखाया. देश ने कितने साइक्लोन झेले. कोरोना आया, रूस यूक्रेन, ट्रेड को Weaponize किया गया. पश्चिम एशिया युद्ध हुआ तो उन लोगों को लगा कि अब तो मोदी को कुचल देंगे. लेकिन बुरा चाहने वालों की हसरत धरी की धरी रह गई. Ambition उस माहौल से आती है जिसमें आ रह रहे हैं. आज आप सपने भी देख रहे हैं, क्योंकि उसको सपोर्ट करनेवाला ecosystem बन गया है. हम गर्व से कहते हैं कि भारतीय दुनिया की टॉप कंपनियों को लीड कर रहे हैं, तो भारतीयों की बनाई कंपनियां क्यों ना लीड करे. ये सब संभव है, इसके लिए आपके पास नेटवर्क, Knowledge भी है.’
