राजस्थान में हो रहे नगर निकाय के चुनावों में सड़क- सफाई, बिजली और पानी के साथ ही यूजीसी के नए नियम और ओबीसी का आरक्षण भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है. इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब बीकानेर में हुई प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान नगर निकाय चुनावों के प्रभारी पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी मीडिया के सवालों का सीधा जवाब देने के बजाय नाराजगी जताते हुए उनसे उलझने लगे. हरीश द्विवेदी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर अब जमकर वायरल हो रहा है.
मामले ने तूल पकड़ा तो कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी पर सियासी निशाना साधते हुए उसकी घेरेबंदी करने की कोशिश की. हालांकि यूजीसी के नए नियमों और जनरल की सीटों पर ओबीसी उम्मीदवार उतारे जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने बेहद सधे हुए शब्दों में सिर्फ बीजेपी पर निशाना साधा. कांग्रेस ने खुलकर इन दोनों मुद्दों पर अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया है.
बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री और केंद्रीय मंत्री ने संकल्प पत्र की दी जानकारी
बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ नगर निकाय चुनावों को लेकर पार्टी के संकल्प पत्र के बारे में जानकारी देने के लिए बीकानेर में प्रेस कांफ्रेंस की. इस प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया ने जब उनसे यूजीसी के नए नियमों को मुद्दा बनाए जाने और करणी सेना के साथ ही सवर्णों के दूसरे संगठनो द्वारा बीजेपी को हराए जाने की अपील किए जाने के बारे में सवाल किए गए तो वह झल्ला गए. कोई सीधा जवाब देने और पार्टी का स्टैंड क्लियर करने के बजाय वह मीडिया से ही उलझते नजर आए.
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बीजेपी द्वारा जनरल की 18 सीटों पर ओबीसी उम्मीदवारों उतारे पर सवाल
इसके बाद बारी बीकानेर में जनरल की 18 सीटों पर बीजेपी द्वारा ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को मैदान में उतारे जाने पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसकी कोई जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए सीधे तौर पर हाथ खड़े कर दिए. उन्होंने यह जरूर कहा कि अलग-अलग जगह की परिस्थितियां अलग होती हैं, इसके आधार पर टिकट दिए जाते हैं. बहरहाल इन दोनों सवालों पर बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं देने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. लोग इन पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं.
यह मामला सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आया तो कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधने में देर नहीं की. प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने साफ तौर पर कहा कि बीजेपी नेताओं के पास बताने के लिए कुछ नहीं होता और वह किसी के हितैषी नहीं है, इसीलिए अपना स्टैंड क्लियर करने के बजाय मीडिया से ही उलझते रहते हैं.
बीजेपी के पास जब कोई जवाब नहीं होता तो वह झगड़ते है
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर स्वर्णिम चतुर्वेदी का इस बारे में कहना है कि बीजेपी वालों के पास जब कोई जवाब नहीं होता तो वह नाराजगी और झगड़ते रहते हैं. वह सच्चाई सामने नहीं आने देना चाहते इसलिए मीडिया पर तमाम पाबंदी लगाते हैं. हालांकि कांग्रेस ने इन मुद्दों पर बीजेपी पर निशाना तो साधा है, लेकिन दोनों ही मामलों में गोल-मोल सा जवाब दिया और खुलकर कुछ भी नहीं कहा. दरअसल कांग्रेस पार्टी भी चुनाव के टाइम पर किसी की भी नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती.
कहा जा सकता है कि स्थानीय निकाय के इन चुनावों में बुनियादी जरूरतों और स्थानीय मुद्दों के साथ ही बड़े मुद्दे भी वोटो की गणित को प्रभावित कर रहे हैं. अब देखना यह होगा कि यूजीसी के नए नियम और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को लेकर वोटों पर कितना असर पड़ता है और पार्टियों को कितना फायदा व नुकसान होता है.
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