Womens Reservation Bill: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और सभी दलों से इसे खुले मन से समर्थन देने की अपील की. उन्होंने कहा कि जो दल इसका विरोध कर रहे हैं, इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण 25-30 साल पहले ही लागू हो जाना चाहिए था, लेकिन अब यह अवसर मिला है तो इसे गंवाना नहीं चाहिए. उन्होंने इसे “आधी आबादी को उनका हक देने” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया.
अखिलेश यादव का जिक्र
पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी सुप्रीमो का जिक्र करते हुए हल्के अंदाज़ में कहा कि वे उनके मित्र हैं और कभी-कभार उनकी मदद भी कर देते हैं. साथ ही उन्होंने Dharmendra Yadav का भी आभार जताया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में चल रहा यह मंथन देश की राजनीतिक दिशा और दशा दोनों तय करेगा. इससे जो “अमृत” निकलेगा, वह भारत के भविष्य को आकार देगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के बीच यह जरूरी है कि 50% आबादी को नीति निर्धारण में बराबरी का मौका मिले.
इतिहास से सीख लेने की अपील
पीएम मोदी ने विपक्ष को चेताते हुए कहा कि पिछले 30 वर्षों के इतिहास से सबक लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि पहले भी जिन्होंने महिला आरक्षण का विरोध किया, उन्हें चुनावों में महिलाओं ने माफ नहीं किया. उन्होंने कहा कि उनके लिए संविधान सर्वोपरि है और इसी संविधान की ताकत है कि एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति देश की सर्वोच्च जिम्मेदारी निभा सकता है.
अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर इस बार भी महिला आरक्षण लागू नहीं हो पाया, तो देश की माताओं और बहनों को जवाब देना मुश्किल होगा, इसलिए सभी सांसदों को इस ऐतिहासिक अवसर को नहीं गंवाना चाहिए.
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