- वंदे मातरम का अपमान अब दंडनीय अपराध, कानून लागू हुआ।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के अंतरों के गायन को लेकर गुरुवार (10 सितंबर, 2026) को बड़ा आदेश जारी किया है. इस आदेश में डीके शिवकुमार सरकार ने कहा है कि कर्नाटक राज्य के सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे. हालांकि, राज्य सरकार की तरफ से वंदे मातरम के सभी छह अंतरों के गायन को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं.
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की तरफ से यह फैसला ऐसे समय में किया गया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह अंतरे के गायन को अनिवार्य किया है.
किन कार्यक्रमों में गाए जाएंगे वंदे मातरम के सभी छह अंतरे?
हालांकि, कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार के इस आदेश में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह अंतरों के गायन को पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं किया गया है. इस आदेश में एक ऐसा प्रावधान भी किया गया है, जिसके मुताबिक, जब किसी भी सरकारी कार्यक्रम में देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल स्वयं मौजूद होंगे, तो सिर्फ उन्हीं कार्यक्रमों में हीं राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे.
इसके अलावा, राज्य सरकार के किसी भी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सरकार की तरफ से इस संबंध में आधिकारिक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.
देश में लागू हो गया वंदे मातरम कानून
उल्लेखनीय है कि मानसून सत्र के दौरान केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से संसद में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) अधिनियम, 2026, जिसे वंदे मातरम बिल भी कहा जाता है, को पेश किया गया था, जो संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा- से पारित हो चुका है. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस बिल पर साइन करके इसे कानून में परिवर्तित कर दिया है. राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद इस कानून को पूरे देश में लागू कर दिया गया है.
इस कानून के तहत अब राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का अपमान करना या इसके गायन में किसी भी तरह से बाधा डालना एक दंडनीय अपराध बन गया है और इस अपराध के लिए दोषी को तीन साल तक की जेल की सजा, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.
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