तेलंगाना की राजनीति में विधानसभा परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है. हैदराबाद पुलिस ने भारत राष्ट्र समिति यानी BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR), वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव और पार्टी के कई अन्य नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है. मामला एक महिला कांस्टेबल की शिकायत के आधार पर सैफाबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा के गेट नंबर 3 पर ड्यूटी कर रही महिला पुलिसकर्मियों के साथ प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की, अभद्र व्यवहार और कथित तौर पर आपराधिक बल का इस्तेमाल किया गया. FIR में महिला पुलिसकर्मियों को डराने-धमकाने और उनके साथ दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं.
ये भी पढ़ें: BRICS 2026 पर सवाल उठाने वाले चिदंबरम को BJP का जवाब- ‘नाराज फूफा’
राजनीतिक नारे वाली टी-शर्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद
शिकायत के मुताबिक, सोमवार को BRS नेताओं और कार्यकर्ताओं का विधानसभा में प्रवेश रोकने को लेकर पुलिस से विवाद हुआ. पुलिस ने कथित तौर पर राजनीतिक नारे लिखी टी-शर्ट पहने लोगों को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी. इसी दौरान हरीश राव पर महिला कांस्टेबलों के सामने नाराजगी जताने और पुलिस पर महिलाओं को आगे करके राजनीति करने का आरोप लगाने की बात कही गई है. KTR पर भी इसी तरह की टिप्पणी करने का आरोप है. FIR में दोनों नेताओं के कथित बयानों का उल्लेख किया गया है.
कपड़े उतारने और महिला पुलिसकर्मियों के करीब जाने का आरोप
शिकायत में टी. हरीश राव पर अपनी टी-शर्ट उतारकर पुलिस अधिकारी की ओर फेंकने का आरोप लगाया गया है. इसके बाद उनके महिला पुलिसकर्मियों के सामने बिना पूरी शर्ट के खड़े होने की बात भी FIR में दर्ज है. शिकायत के अनुसार, MLC नवीन कुमार रेड्डी, विधायक सुधीर रेड्डी और कुछ अन्य नेताओं पर भी महिला पुलिसकर्मियों के बेहद करीब जाकर खड़े होने और उन्हें असहज करने का आरोप है. हालांकि, ये सभी बातें शिकायत और FIR में लगाए गए आरोप हैं, जिनकी जांच पुलिस को करनी है.
धक्का-मुक्की और धमकी के भी आरोप
FIR में आरोप लगाया गया है कि कुछ BRS नेताओं ने पुलिसकर्मियों को पीछे धकेलते हुए विधानसभा में प्रवेश करने की कोशिश की. शिकायतकर्ता ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और शरीर पर बल प्रयोग किए जाने का आरोप लगाया है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं की ओर से पुलिसकर्मियों को भविष्य में सत्ता में आने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. नवीन कुमार रेड्डी पर कथित तौर पर आक्रामक तरीके से महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर सवाल करने का आरोप लगाया गया है.
महिला पुलिसकर्मियों को अस्पताल ले जाने का दावा
शिकायतकर्ता K. पद्मावती CAR मुख्यालय में महिला कांस्टेबल हैं और घटना के समय विधानसभा के गेट नंबर 3 पर तैनात थीं. उन्होंने दावा किया कि घटना के बाद उन्हें और SI त्रिवेणी के साथ महिला कांस्टेबल रश्मि यादव और सौम्या को शारीरिक और मानसिक परेशानी हुई. शिकायत के अनुसार, इन पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए ग्लेनीगल्स अस्पताल ले जाया गया. मेडिकल रिकॉर्ड को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग की गई है.
कई धाराओं में दर्ज हुई FIR
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की कई धाराएं लगाई हैं. FIR में धारा 74, 75(1), 79, 121(1), 130, 132, 296, 351(2), 352 और 3(5) का उल्लेख है. इनमें महिला के खिलाफ आपराधिक बल, यौन उत्पीड़न, धमकी और अन्य कथित अपराधों से जुड़ी धाराएं शामिल हैं. शिकायतकर्ता ने पुलिस से घटना की जांच के लिए CCTV फुटेज, मीडिया कैमरों की रिकॉर्डिंग, तस्वीरें, स्क्रीनशॉट और वीडियो फुटेज खंगालने की मांग की है. मेडिकल दस्तावेजों को भी जांच में शामिल करने को कहा गया है.
कांग्रेस और BRS के बीच टकराव और बढ़ा
विधानसभा में हुए इस विवाद ने तेलंगाना की सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी BRS के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है. BRS के नेताओं पर दर्ज इस मामले के बाद आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है.
ये भी पढ़ें: Xप्लेन: दलित मुद्दे पर कांग्रेस का फोकस क्यों, उत्तराखंड-पंजाब में फुल एक्टिव, जानिए
