ओडिशा के बालासोर जिले से बचाए गए 5 ऑरंगुटान इन दिनों भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में हैं. चिड़ियाघर में आने के बाद इन जानवरों के व्यवहार में कई तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं. कभी वे आराम करते नजर आते हैं तो कभी एक-दूसरे के साथ मस्ती करते हैं. कुछ मौकों पर उनमें बेचैनी भी दिखाई देती है और वे एक-दूसरे के करीब आकर बैठ जाते हैं.
इन 5ऑरंगुटान को हाल ही में बालासोर से रेस्क्यू कर नंदनकानन लाया गया था. फिलहाल उन्हें निगरानी में रखा गया है ताकि नए माहौल में उनकी स्थिति और व्यवहार को समझा जा सके.
STORY | Relaxed to anxious to playful: Rescued baby orangutans show range of emotions at Odisha zoo
Five orangutans, who were recently rescued from Odisha’s Balasore district and kept at a zoo here, have been displaying a range of emotions – from momentary mood swings, playful… pic.twitter.com/HVrzEVBdOC
— Press Trust of India (@PTI_News) September 10, 2026
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तनाव कम करने के लिए क्वारंटाइन सेल से बाहर निकाला
नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गुरुवार को पांचों ऑरंगुटान को कुछ समय के लिए उनके क्वारंटाइन सेल से बाहर निकाला गया. उन्हें खुले स्थान पर धूप में रहने का मौका दिया गया, ताकि वे तनाव से दूर रह सकें और नए वातावरण के साथ धीरे-धीरे सहज हो सकें. अधिकारी के अनुसार, रेस्क्यू के बाद जानवरों को तुरंत सामान्य माहौल में रखना ठीक नहीं होता. इसलिए उनकी सेहत और व्यवहार पर लगातार नजर रखी जा रही है.
कभी मस्ती तो कभी एक-दूसरे से चिपके दिखे
चिड़ियाघर में इन ऑरंगुटान के व्यवहार में अलग-अलग भाव नजर आ रहे हैं. कुछ समय वे शांत होकर आराम करते हैं, जबकि दूसरे वक्त शरारत और खेल जैसी गतिविधियों में व्यस्त दिखाई देते हैं. वहीं, बेचैनी के दौरान कुछ ऑरंगुटान एक-दूसरे के करीब आकर बैठते या चिपकते नजर आए. एक्सपर्ट्स के लिए भी यह व्यवहार महत्वपूर्ण है, क्योंकि रेस्क्यू के बाद जानवरों को नए माहौल, नए लोगों और अलग देखभाल व्यवस्था के साथ तालमेल बैठाना पड़ता है. ऐसे में उनका व्यवहार उनकी स्थिति को समझने में मदद कर सकता है.
डॉक्टरों की निगरानी में हैं सभी ऑरंगुटान
नंदनकानन में 5 ऑरंगुटान की लगातार निगरानी की जा रही है. क्वारंटाइन अवधि के दौरान उनके खान-पान, स्वास्थ्य और व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. चिड़ियाघर प्रशासन का प्रयास है कि उन्हें बिना किसी अतिरिक्त दबाव के सुरक्षित वातावरण दिया जाए. रेस्क्यू किए गए इन ऑरंगुटान के लिए फिलहाल सबसे जरूरी चीज सुरक्षित और शांत माहौल है. इसी वजह से उन्हें धीरे-धीरे चिड़ियाघर के वातावरण का आदी बनाने की कोशिश की जा रही है. इन 5 की मस्ती, आराम और एक-दूसरे के साथ रहने की तस्वीरें और वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. हालांकि, चिड़ियाघर प्रशासन के लिए इनकी भावनात्मक स्थिति से ज्यादा उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य प्राथमिकता है.
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