खेती अब सिर्फ मेहनत का काम नहीं रह गई है. सही मशीनें हों तो खेत तैयार करने से लेकर बुवाई और कटाई तक का काम काफी कम समय में पूरा किया जा सकता है. लेकिन परेशानी तब आती है जब ट्रैक्टर और दूसरे आधुनिक कृषि यंत्रों की कीमत किसान के बजट से बाहर चली जाती है. खासकर छोटे किसानों के लिए लाखों रुपये खर्च करके मशीन खरीदना आसान नहीं होता. इसी खर्च को कम करने के लिए सरकार कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी दे रही है.
बिहार में कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. इसमें किसानों के साथ कई किसान समूह भी अलग-अलग कैटेगरी में फायदा उठा सकते हैं. कुछ मशीनों और प्रोजेक्ट पर मिलने वाली सरकारी मदद काफी ज्यादा है. ऐसे में अगर आप खेती के लिए नया यंत्र खरीदने का प्लान बना रहे हैं. तो पहले पता कर लें सब्सिडी की पूरी डिटेल और साथ में जान लें आवेदन का तरीका.
इन कृषि यंत्रों पर मिल रही भारी सब्सिडी
बिहार सरकार के कृषि विभाग के पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी कई स्कीम में आवेदन खुले हैं. इसके तहत अलग-अलग कृषि मशीनों और कस्टम हायरिंग सेंटर जैसे प्रोजेक्ट पर सब्सिडी दी जा रही है. फार्म मशीनरी बैंक के लिए सरकारी मदद प्रोजेक्ट कॉस्ट की 80 फीसदी तक हो सकती है. इसकी अधिकतम लिमिट 8 लाख रुपये रखी गई है. कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 40 फीसदी और अधिकतम 4 लाख रुपये तक की मदद दी जा रही है.
वहीं स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर में ट्रैक्टर पर 40 फीसदी और अधिकतम 3.40 लाख रुपये तक सब्सिडी का प्रावधान है. बाकी मशीनों पर मदद 80 फीसदी तक हो सकती है. इस कैटेगरी में ट्रैक्टर समेत कुल सब्सिडी अधिकतम 12 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. इससे खेती में मशीनों पर होने वाला शुरुआती खर्च काफी हद तक कम किया जा सकता है.
30 सितंबर तक आवेदन का मौका
इस समय किसानों के पास योजना का फायदा लेने के लिए ज्यादा वक्त नहीं है. बिहार कृषि विभाग के OFMAS पोर्टल पर किसान आवेदन की विंडो 8 सितंबर 2026 से खुली है और इसकी आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 तय की गई है.
इसी दौरान फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर और स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर से जुड़ी अलग-अलग कैटेगरी में आवेदन किए जा सकते हैं. फार्म मशीनरी बैंक का फायदा एसएचजी, जीविका से जुड़े वीओ और सीएलएफ, नाबार्ड या नेशनलाइज्ड बैंक से जुड़े फार्मर्स क्लब, एफपीओ, एफपीसी, सेल्फ हेल्प ग्रुप और पैक्स जैसी इकाइयां ले सकती हैं.
कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए प्रगतिशील किसान भी पात्र कैटेगरी में शामिल हैं. आवेदन करने से पहले अपनी कैटेगरी जरूर चेक कर लें क्योंकि हर स्कीम के नियम एक जैसे नहीं हैं. सही ऑप्शन चुनने से आवेदन में गलती होने का रिस्क भी कम रहेगा.
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ऐसे करना होगा ऑनलाइन आवेदन
अगर आप इस सब्सिडी का फायदा लेना चाहते हैं तो पूरा प्रोसेस ऑनलाइन रखा गया है. किसान को पहले बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर किसान पंजीकरण पूरा करना होगा. रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार से जुड़ी जानकारी और वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती है.
रजिस्ट्रेशन आईडी मिलने के बाद बिहार कृषि विभाग के OFMAS पोर्टल पर जाना होगा. यहां अलग-अलग स्कीम के लिए अलग एप्लिकेशन ऑप्शन दिए गए हैं. अपनी जरूरत वाली कैटेगरी चुनकर रजिस्ट्रेशन आईडी के जरिए आवेदन आगे बढ़ाया जा सकता है. पोर्टल पर आवेदन अपडेट और फाइनल करने के साथ स्टेटस चेक करने की सुविधा भी मौजूद है.

कुछ कैटेगरी में लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के जरिए किया जाता है. चयन होने के बाद तय समय के भीतर मशीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है. इसलिए आवेदन करते समय जानकारी सही भरें और पोर्टल पर अपना स्टेटस लगातार चेक करते रहें.
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